भाजपा को बड़ा झटका: लाखेरी नगर पालिका अध्यक्ष की सीट गई

अपनी ही पार्टी के पार्षदों के असंतोष का शिकार हुए पालिका अध्यक्ष

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न्यूज चक्र @ बून्दी
जिले की लाखेरी नगरपालिका के भाजपा पार्षदों का असंतोष आखिरकार बुधवार को रंग लाया। नगर पालिका अध्यक्ष योगेश वर्मा से असंतुष्ट 25 में से 21 पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। इस पर पालिका सभा भवन में दोपहर तीन बजे मतदान हुआ। सभी 21 पार्षदों ने प्रस्ताव के समर्थन में मत डाले। अंतिम समय तक इन पार्षदों को मनाने की कोशिश जारी रही। परिणाम घोषित होते ही इन्होंने जम कर जश्न मनाया। मतदान के दौरान नगर पालिका में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
नगरपालिका अध्यक्ष वर्मा के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव पर सभा भवन में हुई बैठक में पहले एसडीएम अम्बालाल मीणा ने भी पार्षदों को समझाने की कोशिश की। भाजपा के दिग्गज नेता भी इस प्रयास में लगे रहे। मगर इस मशक्कत का नाराज पार्षदों पर कोई असर नहीं हुआ और वे मतदान करने पर अड़े रहे। दबाव से बचने के लिए मतदान से पूर्व पार्षद भूमिगत हो गए थे। इसके अलावा अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी पार्षदों ने रिहर्सल करके मतदान प्रक्रिया को भी समझा।
गौरतलब है कि अविश्वास प्रस्ताव पर पहले 23 जनवरी को बैठक होनी थी। मगर इसके लिए सम्बन्धित अधिकारी के नहीं पहुंचने से मामला लटक गया। बाद में इस बैठक की नई तारीख 31 जनवरी घोषित की गई। इस बीच भाजपा ने नाराज पार्षदोंं को मनाने के भरकस प्रयास किए, लेकिन बात नहीं बन सकी। इस मसले से क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री बाबूलाल वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष महिपत सिंह हाड़ा सहित कई बड़े नेताओं की इज्जत दांव पर लगी हुई थी। अध्यक्ष वर्मा को मंत्री वर्मा का समर्थन प्राप्त था। शाम पांच बजे परिणाम घोषित होते ही पार्षदों ने ढोल की थाप पर ज़ोरदार जश्न मनाते हुए जुलूस निकाला।
मतदान में यह रहा गणित
कुल पार्षद -25
भाजपा-11
कांग्रेस-8
निर्दलीय-6
जिन 21 पार्षदों ने मतदान किया उनमें भाजपा व कांग्रेस के 8-8 तथा 5 निर्दलीय शामिल रहे। वहीं अध्यक्ष वर्मा के अलावा 3 भाजपा व 1 निर्दलीय पार्षद ने मतदान में भाग नहीं लिया। वर्मा के समर्थन में एक भी मत नहीं आया।