पद्मावत विरोध: चित्तौड़गढ़ किला बना रहा छावनी, उदयपुर में तोड़फोड़, जयपुर में शांति मार्च

फिल्म देखने वालों ने एक स्वर में कहा-राजपूती शान को अपमानित करने वाला कोई प्रसंग नहीं, राजपूत महिला पत्रकार तक ने यह दावा किया, विवाद का मुख्य केन्द्र चित्तौड़गढ़ किला बना रहा पुलिस छावनी

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उदयपुर। करणी सेना का बवाल।
जयपुर। करणी सेना का डैमेज कंट्रोल के लिए निकला शांति मार्च।

न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क / जयपुर
सेंसर बोर्ड के बाद सुप्रीम कोर्ट तक से हरी झंडी मिल चुकने के बाद देश की सबसे विवादित फिल्म पद्मावत आज गुरुवार को अधिकारिक रूप से रिलीज हो गई। मगर चार राज्यों ( राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश व गोवा) के सिनेमाघर मालिकों ने खौफ के कारण इसे रिलीज नहीं करने का निर्णय ले लिया था। इससे सिर पर आई आफत अपने आप ही टलती देख इन राज्यों की सरकारों ने चैन की सांस ली। इसके बावजूद इन राज्यों में भी करणी सेना का उत्पात जारी रहा। वहीं पद्मावत को देख कर निकले दर्शक खुले मन से फिल्म की तारीफ करते नजर आए। हर किसी का कहना था कि फिल्म में राजपूतों व उनकी संस्कृति को अपमानित करने वाला कोई प्रसंग नहीं है। यहां तक कि वरिष्ठ पत्रकार राजपूत जाति की आभा सिंह ने भी यही बात कही। हालांकि दिल्ली और मुम्बई में भी फिल्म के पहले शो को काफी कम दर्शक मिले। हरियाणा के गुरुग्राम में कल करणी सेना के द्वारा बच्चों से भरी स्कूली बस पर हमला कर देने के बाद हुई आलोचनाओं से डैमेज कंट्रोल के लिए जयपुर में शांति मार्च निकाला गया। मगर राजस्थान के ही उदयपुर में तोड़फोड़ की वारदात हुई। कई अन्य जिलों में भी उग्र घटनाएं सामने आई हैं। विवाद के मुख्य केन्द्र चित्तौड़गढ़ किले को छावनी बना कर रखना पड़ा।
पुलिस व प्रशासन के माकूल इंतजाम व सिनेमा हॉल्स में फिल्म पद्मावत का प्रदर्शन नहीं होने के बावजूद भी राजस्थान में करणी सेना के विरोध का असर नजर आया। जयपुर में संगठन ने शांति मार्च निकाला। मगर उदयपुर व चित्तौड़गढ़ में करणी सेना के उग्र तेवरों के कारण रोडवेज बसें रात एक बजे तक के लिए बंद कर दी गईँ। विरोध स्वरूप डूंगरपुर के तीन कस्बे बंद रहे। उदयपुर में करणी सेना ने अपनी रैली के दौरान कुछ खुली दिखी दुकानों में तोड़फोड़ कर डाली।
जयपुर में करणी सेना का शांति मार्च भवानी निकेतन से राजपूत सभा भवन तक निकाला गया। इसमें कार्यकर्ता पद्मावत के निर्माता संजय लीला भंसाली के खिलाफ नारेबाजी करते चल रहे थे। इसी के साथ संगठन के नेताओं ने बुधवार को गुरुग्राम में स्कूल बस पर हुए हमले में करणी सेना का हाथ नहीं होने का दावा किया। इनका कहना था कि हमारे लोग बच्चों और महिलाओं पर हमला नहीं करते। इस हमले के विरोध में ही करणी सेना ने यह शांति मार्च निकालने की बात भी कही।
राजस्थान में ऐसे रहे हालात
कोटा के रामगंजमंडी, नागौर के लाडनूं सहित राज्य के कुछ अन्य कस्बे बंद रहे। डूंगरपुर के सीमलवाड़ा, बिछिवाड़ा और सागवाड़ा में प्रशासन को पद्मावत के खिलाफ ज्ञापन दिया गया। वहीं चित्तौड़गढ़ किला पुलिस छावनी में तब्दील रहा। यहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात रहे। हालांकि चित्तौड़गढ़ बंद नहीं रहा, लेकिन रोडवेज बसें नहीं चलीं। यहां बुधवार को ही बसों में तोड़फोड़ के बाद बसें बंद करने का निर्णय ले लिया गया था।
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की घोषणा
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने विवाद का निपटारा नहीं होने तक राजस्थान में पद्मावत फिल्म नहीं दिखाने की घोषणा कर दी थी।

उदयपुर में ऐसे मचा बवाल

उदयपुर में करणी सेना की रैली के दौरान उदयपोल में सात-आठ दुकानों में तोड़फोड़ की गई। उपद्रवियों ने दुकानों पर रखे तेल के कूपे व बर्तन सड़क पर फेंक दिए। कुछ दुकानदारों से मारपीट तक कर डाली। इसके इलावा बीएन कॉलेज के सामने भी रैली के दौरान करणी सेना ने लोगों से अभद्रता की।