आप के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश पर राष्ट्रपति की मुहर

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न्यूज चक्र @ नई दिल्ली / सेन्ट्रल डेस्क
चुनाव आयोग की सिफारिश पर रविवार को राा्ट्रपति ने भी मुहर लगा कर दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को तगड़ा झटका दे डाला। इसके  ठीक बाद केन्द्र सरकार ने भी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने के सम्बन्ध में अधिसूचना जारी कर दी। दूसरी ओर मुुख्यमंत्री अरविन्द केेरीवाल की आम आदमी पार्टी को अभी भी न्यायालय से राहत की उम्मीद है।

 गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने लाभ का पद के मामले में दिल्ली की सत्ताधारी आप के 20 विधायकों को अयोग्य ठहरा कर राष्ट्रपति के पास इसकी सिफारिश भेज दी थी। आप ने चुनाव आयोग की सिफारिश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, मगर वहां से पार्टी को चुनाव आयोग की सिफारिश के खिलाफ अंतरिम राहत नहीं मिली।

यह विवाद दिल्ली की केजरीवाल सरकार के द्वारा 2015 में अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाने से शुरू हुआ था। प्रशांत पटेल नामक वकील ने संसदीय सचिव को लाभ का पद बताते हुए राष्ट्रपति के पास शिकायत की। साथ ही इस मामले में इन विधायकों की सदस्यता खत्म करने की मांग भी की। हालांकि बाद में इन 21 में से एक विधायक जनरैल सिंह के गत वर्ष विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देने से इस मामले में 20 विधायक ही फंसे रह गए। अब न्यायालय से भी पार्टी को राहत नहीं मिलती है तो दिल्ली में उपचुनाव होना तय है। वैसे आम आदमी पार्टी के लिए राहत की बात यह है कि इन 20 विधायकों के बिना भी उसकी सरकार को खतरा नहीं है।

वहीं इस मसले पर चुनाव आयोग का फैसला आया तो आम आदमी पार्टी का गुस्सा भड़क गया। आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त एके ज्योति अपने रिटायरमेंट से पहले सारे पेंडिंग केस खत्म करना चाह रहे हैं, इसलिए आयोग फटाफट पुराने मामलों का निपटारा कर रहा है। ज्योति 22 जनवरी को रिटायर हो जाएंगे। आम आदमी पार्टी का यह भी कहना है कि चुनाव आयोग इसका फैसला नहीं कर सकता। इसका फैसला अदालत में किया जाना चाहिए। पार्टी ने यह आरोप भी लगाया कि आयोग ने विधायकों का पक्ष सुने बिना ही एक तरफा निर्णय सुना दिया।

यहां गौरतलब है कि संविधान के अनुच्‍छेद 102(1)(A) और 191(1)(A) के अनुसार संसद या फिर विधानसभा का कोई सदस्य अगर लाभ के किसी पद पर होता है तो उसकी सदस्यता जा सकती है। यह लाभ का पद केन्द्र और राज्य किसी भी सरकार का हो सकता है।

आप के ये 20 विधायक अयोग्य घोषित

1. प्रवीण कुमार

2. शरद कुमार

3. आदर्श शास्त्री

4. मदन लाल

5. चरण गोयल

6. सरिता सिंह

7. नरेश यादव

8. जरनैल सिंह

9. राजेश गुप्ता

10. अलका लांबा

11. नितिन त्यागी

12. संजीव झा

13. कैलाश गहलोत

14. विजेंद्र गर्ग

15. राजेश ऋषि

16. अनिल कुमार वाजपेयी

17. सोमदत्त

18. सुलबीर सिंह डाला

19. मनोज कुमार

20. अवतार सिंह