होमगार्डों ने खुले में शौच करते बच्चे से मल उठवाकर जेब में रखवाया, डंडे बरसाए

0
161

न्यूज चक्र @ जयपुर
जयपुर नगर निगम ने अपने 19 वॉर्डों को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) घोषित कर दिया है। इसके लिए बाकायदा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। निगम ने लोगों को खुले में शौच न करने को समझाने के लिए हर जोन में 20-20 होमगार्ड लगाए थे, लेकिन ये लोगों को समझाने के बदले उन्हें डरा-धमका रहे हैं।
खुले में शौच करने पर लात-घूंसे और डंडे तक बरसा रहे हैं। इस तरह का ही एक बड़ा मामला सामने आया है।
स्वच्छता का जायजा लेने निकली टीम ने खुले में शौच करते बच्चों पर उन्होंने डंडे बरसाए और लात-घूंसे चलाए। इतना ही नहीं उन्होंने एक बच्चे से मल उठवाया और अपने जेब में रखने को कहा। नगर निगम के कर्मचारियों का अत्याचार कैमरे में कैद हो गया। इसके बारे में पूछने पर जयपुर नगर निगम के मेयर अशोक लाहोटी का कहना है कि डंडा मारना कोई समाधान नहीं है, लोगों को समझाया जाएगा कि खुले में शौच न करें।
दरअसल शहर को भले ही ओडीएफ घोषित कर दिया गया है, लेकिन सच्चाई ये है कि ये सारा काम कागजी है। जिन कच्ची बस्तियों में सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं, वहां न तो पर्याप्त शौचालय है और न ही उनमें पानी। हालांकि ये बात स्वयं सत्ताधारी पार्टी के मंत्री, पार्षद भी स्वीकार चुके हैं, लेकिन इसे दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। यही कारण है कि जवाहर नगर, कठपुतली नगर, जयपुर रेलवे जंक्शन, दिल्ली बाइपास पर बनी बस्तियां, झालाना, जगतपुरा कच्ची बस्ती आदि जगहों पर लोग खुले में शौच करते नजर आते हैं।