बून्दी जिले में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू

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न्यूज चक्र @ बून्दी
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शिवांगी स्वर्णकार ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोक शांति एवं लोक सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिले में 29 दिसम्बर को रात 8 बजे से अग्रिम आदेश तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार बूून्दी शहर में टाईगर हिल स्थित मानदाता छतरी पर हनुमान जी की प्रतिमा की पूजा-अर्चना को लेकर कुछ संगठनों के आह्वान के मद्देनजर तथा सोशल मीडिया पर इस सम्बन्ध में की जा रही टिप्पणियाें व अफवाहों से कानून व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने व साम्प्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर यह निषेधाज्ञा लागू की गई है।
निषेधाज्ञा के दौरान बून्दी जिले में व्यक्तियों, व्यक्तियों के समूह द्वारा चाहे वे किसी भी नाम, पदनाम, संगठन, समूह, जाति, धर्म से जाने-पहचाने, पुकारे या प्रचारित किए जाते हों, को जिले में किसी भी स्थान पर किसी भी प्रकार की कोई सभा, धरना, प्रदर्शन, जुलूस आदि जिसमें 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एकत्रित हो सकते हों, जो चाहे किसी भी सामाजिक, राजनैतिक या अन्य किसी भी कारण से हो, को प्रतिबंधित किया गया है। कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह आदेश के प्रवृत रहने तक सम्पूर्ण जिले की सीमा के भीतर किसी भी स्थान पर कोई विस्फोटक पदार्थ व आग्नेय शस्त्र (रिवॉल्वर, पिस्टल, राइफल, बंदूक, एमएल गन आदि) एवं किसी भी प्रकार के धारदार हथियार या नोकदार हथियार (गंडासा, फरसा, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, बरछी, गुप्ती, खांकरी, वल्लम, कटार, धारिया, बघनख (शेर पंजा) आदि तथा किसी भी प्रकार की लाठी, लठ, स्टिक इत्यादि जो आत्मरक्षा या आक्रमण के लिए डिजाइन या रूपांतरित किया गया है, सार्वजनिक स्थलों पर लेकर नहीं घूमेगा और न ही प्रदर्शन करेगा। परन्तु वह व्यक्ति जो नि:शक्त व अतिवृद्ध हैं, लाठी का प्रयोग सहारा लेने के लिए कर सकेंगे। सिख समुदाय के व्यक्तियों को उनकी धार्मिक परम्परा के अनुसार नियमान्तर्गत निर्धारित कृपाण रखने की छूट रहेगी।
आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति इस दौरान किसी भी प्रकार का घातक रासायनिक पदार्थ अपने साथ लेकर नहीं चलेगा और न ही प्रदर्शन करेगा। कोई भी व्यक्ति दो समुदायों के बीच घृणा या विद्वेष फैलाने वाले साम्प्रदायिक सद्भाव को ठेस पहुंचाने वाले संदेश सोशल मीडिया के किसी भी माध्यम से प्रसारित नहीं करेगा, ना ही इस प्रकार का भाषण, उद्बोधन , नारे लगाएगा या देगा। ना ही ऐसे पम्फलेट, पोस्टर, होर्डिंग छपवाएगा, छापेगा या वितरण करेगा या वितरण करवाएगा। ना ही ऐसे ऑडियो, वीडियो कैसेट/सीडी के माध्यम से किसी प्रकार का प्रचार प्रसार करेगा अथवा करवाएगा। ऐसे सभी प्रसारणों को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
निषेधाज्ञा के दौरान कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नहीं करेगा और न ही किसी अन्य व्यक्ति को सेवन करवाएगा। कोई भी व्यक्ति सम्बन्धित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की बिना पूर्वानुमति के स्पीकर, एम्पलीफायर, ध्वनि प्रसारण यंत्रों का उपयोग नहीं करेगा। यह आदेश उन व्यक्तियों (कार्मिकों) पर लागू नहीं होगा जो राजकीय ड्यूटी के दौरान अपने पास हथियार रखने के लिए अधिकृत हैं। आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 के तहत अभियोग चलाया जाएगा। गौरतलब है कि हिन्दू महासभा 1 जनवरी  को छतरी पर पूजा करने पर अड़ी हुुई है।