विवाद को हल करने का प्रयास: मानदाता जी की छतरी के अन्वेषण के लिए विशेषज्ञ संयुक्त दल गठित

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न्यूज चक्र @ बून्दी
शहर में टाईगर हिल पर स्थित मानदाता जी की छतरी के मूल स्वरूप की ऐतिहासिक व प्रमाणिक जांच करने के लिए भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण जयपुर मण्डल तथा निदेशालय भारत सरकार पुरातात्विक एवं संग्रहालय राजस्थान की संयुक्त टीम का गठन किया गया है। गौरतलब है कि इस छतरी पर आगामी 1 जनवरी को पूजा करने की घोषणा करने के साथ ही दूसरे वर्ग की ओर से इसका भारी विरोध शुरू हो गया है। इससे यहां साम्प्रदायिक तनाव के हालात पैदा हो गए हैं। जिला व पुलिस प्रशासन इन हालातों को सामान्य बनाए रखने की मशक्कत में जुट गया हैं।
कार्यववाहक जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जुगल किशोर मीना ने बताया कि मानदाता जी की छतरी के प्रमाणिक, ऐतिहासिक एवं तथ्यात्मक अन्वेषण के लिए बनाए गए इस दल में अधीक्षक पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग कोटा, उमराव सिंह व नीमहल संग्रहालयाध्यक्ष राजकीय संग्रहालय बून्दी, महेन्द्र सिंह को नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार भारत सरकार के भारतीय सर्वेक्षण जयपुर मण्डल की ओर से अधीक्षक पुरातत्वविद प्यारेलाल मीणा के नेतृत्व मे विशेषज्ञों का दल गठित किया गया है। इसमें सहायक अधीक्षक पुरातत्वविद मनोज कुमार द्विवेदी, सहायक पुरातत्वविद गोविन्द सिंह मीणा, सर्वेयर रविन्द्र जांगिड़, वरिष्ठ सर्वेक्षण सहायक सुरेश कुमार, वरिष्ठ फोटोग्राफर कोटा, रविन्द्र कुमार माथुर शामिल हैं। यह संयुक्त दल मानदाता जी की छतरी के मूल स्वरूप की पुरातात्विक जांच करेगा।
निदेशक पुरातत्व विभाग एवं संग्रहालय विभाग जयपुर की टीम ने बुधवार को मानदाता जी की छतरी का निरक्षण भी किया। उन्होने बताया कि भारतीय पुरातत्व विभाग जयपुर सर्वेक्षण मण्डल की टीम कल गुरुवार को बून्दी पहुंचकर अन्वेषण शुरू करेगी। इस दल को सहयोग करने के लिए प्रशासन की ओर से उपवन संरक्षक(वन्य जीव ) कोटा, उपखण्ड अधिकारी बून्दी, उपाधीक्षक बून्दी एवं तहसीलदार बून्दी को लगाया गया है।