चारा घोटाला : लालू प्रसाद दोषी करार, पुलिस ने हिरासत में लिया, 3 जनवरी को सजा का ऐलान

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न्यूज चक्र @ नई दिल्ली/ सेन्ट्रल डेस्क
चारा घोटाला मामले में आज शनिवार को रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव सहित 16 आरोपियों को दोषी करार दे दिया। वहीं पूर्व मुुख्यमंंत्री जगन्नाथ मिश्र सहित 6 आरोपी बरी हो गए । तीन जनवरी को सजा का ऐलान होगा। इस मामले में लालू यादव सहित 23 आरोपियों पर सरकारी खजाने से करीब 89 लाख रुपए की अवैध निकासी का आरोप है। सीबीआई स्पेशल कोर्ट के जज शिवपाल सिंह के लालू प्रसाद को दोषी करार देते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। तीन जनवरी को सजा सुनाए जाने तक वे न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
लालू यादव ने फैसले से पहले कहा था कि कोर्ट रूम में जाकर हमने हाजिरी दे दी है । कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है। लालू ने भाजपा पर उनके खिलाफ साजिश करने का आरोप भी लगाया। लालू के बेटे तेजस्वी यादव ने भी उम्मीद जताई थी कि आज का फैसला लालू के पक्ष में आएगा।
इससे पहले लालू यादव जब रांची पहुंचे तब वह टू जी और आदर्श घोटाला मामले में हाल ही में आए फैसलों से काफी उत्साहित नजर आए। इसी से उत्साहित हो उन्होंने दावा किया है कि चारा घोटाले में भी ऐसा ही फैसला (उनके पक्ष में) आने वाला है।

चारा घोटाले में अब तक का घटनाक्रम

1992-1994 के बीच ट्रेज़री से गबन का आरोप सामने आया था। यह देवघर कोषागार से 84 लाख की अवैध निकासी का मामला था। 1996 में देवघर ट्रेजरी मामले में लालू पर केस दर्ज हुआ।लालू के अलावा इस मामले में पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्र भी केस में आरोपी बनाए गए थे। उल्लेखनीय है कि देवघर चारा घोटाले में लालू सहित 34 लोग आरोपी थे। इनमें से 11आरोपियों की मौत हो चुकी है। चारा घोटाले के सभी केसों में कुल मिलाकर 900 करोड़ के हेरफेर का आरोप है। चारा घोटाले में लालू यादव पर कुल 6 मामले दर्ज हैं।

इनमें से चाईबासा चारा घोटाले में लालू को सजा हो चुकी है। इसमें वे जमानत पर छूटे हुए हैं। लाल इस केस में 1997 में पहली बार जेल गए थे। चारा घोटाले में सजा मिलने के कारण ही उन्हें सीएम का पद छोड़ना पड़ा था।
आज जिस मामले में लालू को दोषी करार दिया गया है वह देवघर कोषागार का है। इसमें उन पर 1992 से 1994 के दौरान बिहार के सीएम रहते हुए देवघर ट्रैजरी से फर्जी आवंटन पत्र और चालान पर 89 लाख रुपए निकलवाले का आरोप है। इस मामले में केस 1996 में दर्ज हुआ था। इसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा सहित 34 लोग आरोपी बनाए गए थे। उसके बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
देवघर कोषागार सहित लालू यादव पर कुल 900 करोड़ के चारा घोटाले के आरोप हैं। इसमें लालू पर कुल 6 मामले दर्ज हैं। एक केस की पटना और पांच केस की रांची में सुनवाई चल रही है। चाईबासा कोषागार से गलत तरीके से पैसा निकालने के मामले में लालू को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है और वो फिलहाल जमानत पर हैं। इस देवघर मामले में उन्हें अधिकतम 7 साल की सजा हो सकती है।