करंट से झुलसे युवक का हाथ काटना पड़ा, अस्पताल से डिस्चार्ज के पैसे तक नहीं

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न्यूज चक्र @ कोटा
बसन्त विहार में एक मेडिकल शॉप पर गत दिनों फ्लेक्स साइन बोर्ड लगाते समय करंट की चपेट में आने से बुरी तरह झुलसे युवक का दायां हाथ काटना पड़ा। यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती इस युवक को डिस्चार्ज कराने के लिए भी इसके परिवार के पास पैसे नहीं है।
केशवपुरा में रहने वाला विष्णु विजयवर्गीय (27) करीब 10 वर्षों से फ्लेक्स लगाने का काम करता था। वह 12 दिसम्बर को बसन्त विहार स्थित एक मेडिकल शॉप पर फ्लेक्स लगा रहा था। अचानक उसे बिजली का करंट लगा। इससे उसका दायां हाथ बुरी तरह झुलस गया। इससे उसकी गर्दन, कंधे व पीठ भी बुरी तरह जल गई। गम्भीर हालत में उसे लोगों ने सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां वह आईसीयू में 4 दिन भर्ती रहा। मगर डॉक्टर्स की हड़ताल के चलते विष्णु ‌‌‌‌को निजी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌अस्पताल सुधा हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। बाद में उसे जयपुर के डॉक्टर्स को दिखाया गया। उन्होंने उसे संक्रमण से बचाने के लिए हाथ काटे जाने की सलाह दी। इस पर उसका दायां हाथ काट देना पड़ा। विष्णु के परिवार में पत्नी निशा व ढाई वर्ष का बेटा है। उसके भाई सुरेश विजय ने पैसे उधार लेकर इलाज करवाया। लेकिन निजी अस्पताल में एक लाख रुपए से अधिक खर्च हो जाने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पत्नी निशा ने बताया कि पति को अस्पताल से डिस्चार्ज करवाने के लिए भी पैसे नहीं हैं। इधर, घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। एक कोचिंग शिक्षक निशान्त पोरवाल ने विष्णु के परिवार की यह हालत जान उसके इलाज के लिए 10 हजार रुपए की मदद की। भाई सुरेश ने कहा कि पहले ही परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। मगर अब तो विष्णु कुछ काम भी नहीं कर पाएगा। सरकारी डॉक्टर्स की हड़ताल नही होती तो उसके इलाज में इतना अधिक खर्च नहीं होता। उसके परिचितों ने हालात को देखते हुए सरकार की ओर से स्थाई मदद दिए जाने की मांग की है।