हमारा धर्म विज्ञान पर आधारित, इस पर गर्व करेंः अवधूत शिवानन्द

0
403

न्यूज चक्र @ जयपुर

आठ दिवसीय श्रीविद्या और शाम्भवी साधना शिविर के अंतिम दिन डॉ. अवधूत शिवानंद ने अपने साधकों से समाज में फैली कुरीतियों को जड़ से मिटाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का सनातन व शिवयोग कोई ढकोसला नहीं है। मानसोरवर के वीटी रोड चौराहा स्थित मैदान में यह शिविर आयोजित किया गया।

डॉ. शिवानंद ने इस अवसर पर कहा कि भारत देश के वेद, ग्रन्थ व शास्त्र और उनके सभी सिद्धांत विज्ञान पर आधारित हैं। अगर हम अपने बच्चों को यह बताएंगे कि हमारा धर्म पूर्णत विज्ञान है तो वो हम पर गर्व करेंगे। हम अगर उन्हें यह कहते रहे कि आज उसमें माता आ गई, आप अगर इतने पत्ते चढ़ाओगे तो आपकी यह मन्नत पूरी हो जाएगी….तो युवा पीढ़ी अपने धर्म और संस्कृति से दूर होती जाएगी। अवधूत ने कहा कि शिव और मां दुर्गा इतने कमजोर नहीं हैं कि उन्हें अपनी शक्ति दिखाने के लिए किसी इंसान का सहारा लेना पड़े। वो सर्वशक्तिमान हैं और पूरी सृष्टि को चला रहे हैं।

कॉस्मिक खेती से किसान बनेंगे करोड़पति
शिवयोग सिद्धांतों के अनुसार कॉस्मिक खेती करें तो राजस्थान के सभी किसान करोड़पति हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में खजूर, ऑलिव, बादाम और पिस्ता की खेती की अपार संभावनाएं हैं। अगर किसान अपने खेतों में इनकी खेती करें और उसमें शिवयोग की शक्ति डालें तो निश्चित रूप से किसानों की आय में कई गुना बढ़ोतरी हो जाएगी।

इससे पहले शिविर के अंतिम सत्र में शामिल हुए जयपुर के मेयर अशोक लाहोटी ने अवधूत शिवानंद का सम्मान  किया। उन्होंने कहा कि सिद्धगुरु किसानों के लिए अनूठा प्रयास कर रहे हैं। कई किसानों ने उन्हें आकर बताया है कि बिना रासायनिक खाद व स्प्रे के शिवयोग खेती करने से उन्हें दो से तीन गुना ज्यादा आय हो रही है। महापौर ने अवधूत व सभी साधकों से कहा कि वो भी अपने खेतो में शिवयोग की खेती करेंगे।

अंतिम दिन मिली खड़्गमाला की दीक्षा
श्रीविद्या शिविर के अंतिम दिन अवधूत शिवानंद ने साधकों से शाम्भवी व श्रीविद्या की साधना करवाई और किसानों के खेतों में ब्रह्मांडीय ऊर्जा का संचार भी किया। दूसरे सत्र में सिद्धगुरु ने मां दुर्गा की दुर्लभतम खड़गमाला की दीक्षा अपने साधकों को दी। उऩ्होंने कहा कि लोग अगर रोज खड़गमाला से मां की साधना करे तो वो आसानी से क्रिएट कर सकते हैं, जो वो चाहते हैं। उन्होंने साधकों से कहा कि अगर हम हर रोज आधा घंटा साधना कर लें तो न केवल हम हमेशा स्वस्थ रहेंगे, बल्कि शिव से भी जुड़ जाएंगे। शिव से जुड़ने को ही शिवयोग कहते हैं।