गुजरात के सोमनाथ मंदिर के रजिस्टर में राहुल गांधी का नाम गैर-हिन्दू के रूप में दर्ज

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आज बुधवार को दर्शन करने गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का नाम वहां के रजिस्टर में गैर-हिन्दू के रूप में दर्ज हुआ है। इस एंट्री की फोटो भी वायरल हो चुकी है। राहुल ने अपने दो दिन के गुजरात दौरे की शुरुआत सोमनाथ मंदिर में दर्शन से ही की। इस दौरान अहमद पटेल भी उनके साथ थे। हालांकि दोनों ने रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं किए। डेढ़ महीने में राहुल 21वीं बार मंदिर में दर्शन के लिए गए।

इससे पहले राहुल गुजरात के लगभग अन्य सभी प्रसिद्ध मंदिरों में पूजा कर चुके हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी ने भुज में आशापुरा मां के दर्शन के साथ गुजरात में चुनावी रैलियों की शुरुआत की थी। वहीं, राहुल ने द्वारका में माथा टेककर नवसर्जन यात्रा शुरू की थी। गुजरात चुनाव के पहले फेज की वोटिंग होने में अब 10 दिन बचे हैं। गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को वोटिंग है और 18 दिसंबर को नतीजे आएंगे।
राहुल अब तक इन मंदिरों में गए
द्वारकाधीश, कागवड़ में खोडलधाम, नाडियाड़ के संतराम मंदिर, पावागढ़ महाकाली, नवसारी में ऊनाई मां के मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, बहुचराजी के मंदिर, कबीर मंदिर, चोटिला देवी मंदिर, दासी जीवन मंदिर, राजकोट के जलाराम मंदिर, वलसाड के कृष्णा मंदिर, शंंकेश्वर जैन मंदिर, वीर मेघमाया, बादीनाथ मंदिर। इसके अलावा, वे कांग्रेस की नवसर्जन यात्रा के दौरान 5 और छोटे-बड़े मंदिरों में दर्शन के लिए गए।
दूसरी ओर मोदी ने दो महीने में चार मंदिरों आशापूर्णा माता मंदिर, कच्छ के अक्षरधाम मंदिर, गांधीनगर के हटकेश्वर मंदिर व द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका में ही दर्शन किए।

80 से 100 सीटों पर मंदिरों का असर
गुजरात विधानसभा की 80 से 100 सीटें ऐसी हैं, जिन पर मंदिरों का असर देखा जाता है। इसी के चलते इन मंदिरों में बड़े-बड़े नेताओं का आना-जाना लगा रहता है। यही वजह है कि हाल तक मंदिरों से खुद को अलग रखने वाली कांग्रेस पार्टी ने भी अपने कैम्पेन में मंदिर दर्शनों को विशेष रूप से शामिल किया है। कांग्रेस गुजरात की सत्ता से 22 साल से सत्ता से दूर है।

मंदिरों को लेकर मोदी-राहुल के दो बड़े बयान

*नरेंद्र मोदी बोले- “हमने अच्छे-अच्छों को मंदिर जाने की आदत डलवा दी।”

*राहुल ने कहा- “मैं शिवभक्त हूं और सत्य में विश्वास रखता हूं।” 

राहुल का नाम गैर-हिन्दू के रूप में ऐसे हुआ दर्ज

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मनोज त्यागी नाम के शख्स ने सोमनाथ मंदिर में अहमद पटेल के साथ राहुल का नाम भी उस रजिस्टर में लिख दिया जो गैर-हिन्दुओं की मंदिर में एंट्री के लिए होता है। त्यागी कांग्रेस के मीडिया को-ऑर्डिनेटर हैं।

सोमनाथ ट्रस्ट के जनरल मैनेजर विजय सिंह चावड़ा ने यह कहा- 

“बुधवार को राहुल गांधी ने गैर-हिन्दू के तौर पर दर्शन किए थे। सोमनाथ ट्रस्ट ने मंदिर में गैर हिन्दुओं के प्रवेश के लिए पिछले साल एक नियम बनाया था। राहुल गांधी ने अपने पारसी धर्म का उल्लेख करते हुए अपना नाम दर्ज कराया था। उनके साथ अहमद पटेल भी थे।’’   

 कांग्रेस ने विवाद पर क्या कहा?

पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ”राहुल जी ने विजिटर्स बुक में एंट्री की थी। जिस सिग्नेचर की बात की जा रही है वो अलग है। ना तो वो सिग्नेचर राहुल गांधी के हैं, ना ही उन्हें वह रजिस्टर दिया गया था। राहुल जी सिर्फ एक हिन्दू ही नहीं हैं, वो जनेऊधारी भी हैं। इसलिए बीजेपी को राजनीति के इतने निचले लेवल तक नहीं गिरना चाहिए।”

गैर हिंदुओं के लिए अलग नियम
गैर-हिन्दुओं के मंदिर में प्रवेश के लिए एक अलग दरवाजा है। इसे दिग्विजय द्वार कहा जाता है। यहां रखे रजिस्टर में गैर-हिन्दुओं को दर्शन से पहले एंट्री करनी होती है। मजहब भी बताना होता है। इसके बाद चैकिंग होती है। तब मंदिर में एंट्री में मिलती है।

राहुल जनता को सच बताएं-बीजेपी

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा- “राहुल गांधी को लेकर इतनी सीक्रेसी क्यों है? आज की तारीख में वो देश की सबसे अहम सियासी हस्तियों में से एक हैं। कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए धर्म सुविधा का विषय है, आस्था का नहीं। राहुल गांधी को इस पर जवाब देना चाहिए। वो (कांग्रेस) कहते हैं कि यह एक साजिश है लेकिन हम कहते हैं कि कांग्रेस ही साजिश है। आज उनकी साजिश उजागर हो गई है। आप अधर्मी हैं।
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अनिल जैन ने ट्वीट किया- आप अगर सोमनाथ मंदिर जाएं, और आप हिन्दू धर्म से नहीं हैं, तो आपको एक रजिस्टर में इस बात का खुलासा करना पड़ता है। आज राहुल गांधी ने उसी रजिस्टर में अपने नाम को जोड़ दिया। देश के साथ धर्म को लेकर ऐसा छलावा?