जयपुर: नाहरगढ़ की दीवार पर लटका मिला युवक का शव, पत्थरों पर लिखे हुए ‘पद्मावती’ के विरोध में नारे

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न्यूज चक्र @ जयपुर/सेन्ट्रल डेस्क

देश के अधिकतर भागों फिल्म पद्मावती के खिलाफ लगातार बढ़ते जा रहे विरोध के बीच आज शुक्रवार को जयपुर के नाहरगढ़ किले की दीवार पर एक युवक का शव लटका हुआ मिला। बात इतनी ही होती तो भी बड़ी खबर नहीं बनती। मगर लाश के नजदीक किले के पत्थरों पर ‘पद्मावती का विरोध’ जैसे शब्द लिखे मिलने से मामला अधिक सनसनीखेज हो गया। एक पत्थर पर लिखा हुआ था, ‘हम सिर्फ पुतले ही नहीं लटकाते।’ पुलिस ने कहा कि जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा कि यह हत्या है या आत्महत्या। करणी सेना ने इस वारदात के पीछे अपना हाथ होने से इनकार किया है।

इससे पहले गुरुवार को करणी सेना ने ब्रिटिश फिल्म बोर्ड द्वारा लंदन के सिनेमा घरों में फिल्म के प्रदर्शन को मंजूरी दिए जाने पर लंदन में थियेटरों को जलाने की धमकी दी थी। सेना के एक नेता सुखदेव सिंह ने कहा कि वह विरोध के लिए खुद वहां जाना चाहते थे, लेकिन सरकार ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया।

उधर, युवक की लाश को लेकर पुलिस छानबीन में जुटी हुई है। मृतक की पहचान जयपुर के ही निवासी चेतन सैनी (40) के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में आत्महत्या और हत्या, दोनों ही एंगल से जांच कर रही है। मौके पर एक पत्थर पर ‘चेतन तांत्रिक’ भी लिखा हुआ मिला है। जानकारों के अनुसार मलिक मोहम्मद जायसी की रचना ‘पदमावत’ में तांत्रिक चेतन नाम का एक चरित्र भी है।

मृतक के भाई रामरतन सैनी ने इसे हत्या का मामला बताते हुए जांच की मांग की है। रामरतन का कहना है कि उसका भाई आत्महत्या नहीं कर सकता है। पत्थरों पर जो लिखा हुआ मिला है वो ऐसा भी नहीं लिख सकता था। रामरतन इसे सीधा सा हत्या का मामला बता रहा है। उसका कहना है कि किसी ने उसके भाई की हत्या कर लाश को यहां टांग दिया।

इनका कहना है-

करणी सेना के प्रमुख लोकेन्द्र कालवी ने कहा कि जो कुछ हुआ वो बहुत गलत है। लोग जिस तरह आक्रोशित हो रहे हैं जोश में होश खो रहे हैं, उसे तुरंत बंद कर देना चाहिए। ऐसा विरोध बिल्कुल गलत है। करणी सेना के अध्यक्ष महीपाल सिंह ने कहा कि यह आत्महत्या हो सकती है, क्योंकि विरोध-प्रदर्शन का उनका ये तरीका नहीं है ।
दिल्ली में भी हुआ तगड़ा विरोध प्रदर्शन
फिल्म के विरोध प्रदर्शनों के क्रम में आज दिल्ली में भी राजपूत समुदाय के लोगों ने मार्च निकाला। मोटर साइकिलों पर सवार सैकड़ों युवकों ने फिल्म के निर्माता-निर्देश और कलाकारों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए फिल्म के निर्माता तथा कलाकारों के पुतले जलाए।