तहसीलदार माथुर से मारपीट: आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए कायस्थ समाज ने दिया ज्ञापन

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न्यूज चक्र @ बून्दी
टोंक जिले के उनियारा तहसीलदार आमोद माथुर से मारपीट व अभद्रता करने के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किए जाने की मांग को लेकर बून्दी कायस्थ समाज के सदस्यों ने गुरुवार को जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार को मुुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इसमें चेतावनी दी गई है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो समाज उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा। आठ दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से समाज में रोष है।
उल्लेखनीय है कि 2 नवम्बर को उनियारा उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे माथुर से वहां पहले से मौजूद मोहम्मदपुरा ग्राम पंचायत की सरपंच के पति सहित दस-बारह अन्य लोगों ने जानलेवा मारपीट व गाली-गलौच की। साथ ही पुलिस में शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। इस सम्बन्ध में उपखंड अधिकारी के माध्यम से उनियारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस रिपोर्ट में माथुर ने कहा है कि वे 1 नवम्बर को उपखंड अधिकारी के आदेश पर कोटड़ी चौराहे पर कोटड़ी से गणेशपुरा जाने वाले रास्ते पर हुए अतिक्रमण को हटाने गए थे। उनके साथ नायब तहसीलदार, भू अभिलेख निरीक्षक व हलका पटवारी भी थे। इनके द्वारा सीमाज्ञान करने पर वहां अतिक्रमण की नीयत से कोई भी पक्का निर्माण करना नहीं पाया गया। जबकि इस सम्बन्ध में की गई शिकायत में रास्ते पर जुगलकिशोर मीना के द्वारा अतिक्रमण कर पक्की दुकानें व भवन बनवाने की बात कही गई थी। मौके पर की गई जांच में समीप के खसरा नम्बर पर निर्माण होना पाया गया। इस कारण इस पक्के निर्माण को नहीं तोड़ा गया। इस पर उपखंड अधिकारी ने माथुर को उनके कार्यालय बुलाया। माथुर अगले दिन 2 नवम्बर को वहां पहुंचे। रिपोर्ट के अनुसार जैसे ही तहसीलदार माथुर उपखंड अधिकारी कार्यालय परिसर में पहुंच गाड़ी से उतरे, वहां पहले से मौजूद मोहम्मदपुरा सरपंच के पति गीताराम गुर्जर सहित 10-12 अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। इनमें एक आरोपी उम्मेद चौधरी भी था। गीताराम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में उसका भी नाम शामिल होने की बात कहते हुए माथुर से मारपीट करते हुए उन्हें जान से मारने की कोशिश की। साथ ही गाली-गलौच करते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। इस घटना में माथुर के हाथ से आवश्यक सरकारी कागजात गिर गए, जिन्हें आरोपी ले भागे। इस दौरान उपखंड अधिकारी भी कार्यालय में ही मौजूद थे। शोर सुनकर मौके पर एकत्र हुए लोगों ने उन्हें बचाया।