विरोध मार्च में कांग्रेसी गिरफ्तार, भारी हंगामे के बीच विधानसभा में पेश विवादित बिल

सरकार ने बिल सदन में पेश कर दिया, वहीं इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर, विरोध मार्च निकाल रहे सचिन पायलट सहित अन्य कांग्रेसी गिरफ्तार

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न्यूज चक्र @ जयपुर/सेन्ट्रल डेस्क 

राज्य सरकार द्वारा जजों और लोकसेवकों के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकारी मंजूरी की अनिवार्यता वाले विधेयक की सोमवार को विधानसभा में कांग्रेस ने  जमकर खिलाफत की। इससे खासा हंगामा हुआ। वहीं सरकार ने यह बिल सदन में पेश कर दिया। दूसरी ओर इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका भी दायर हो गई।

राजस्थान विधानसभा का सत्र सोमवार से शुरू हुआ। विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही विधेयक के विरोध में कांग्रेस के विधायक मुंह पर काली पट्टी बांध कर और गले में नारे लगी तख्तियां डाल कर विधानसभा पहुंचे। कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध कर रही है। यही कारण है कि सत्र की शुरुआत से पहले ही कांग्रेस के विधायकों ने मुंह पर काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया। ये पैदल मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचे। इस दौरान विधायकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। सत्तारूढ़ भाजपा के भी कुछ विधायक इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं। इनमें कोटा जिले से विधायक भवानीसिंह राजावत भी शामिल हैं। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभी विपक्षी सदस्यों ने विरोध स्वरूप वॉकआउट कर दिया। ग्यारह बजे बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। अब बिल पर बहस के बाद इसे पारित करवाने की औपचारिकता बाकी है। सदन में सत्तारूढ़ भाजपा का पूर्ण बहुमत है, इसलिए इसमें कोई परेशानी नहीं होगी।
इस बीच इस विधेयक का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। अधिवक्ता भगवत गौड़ तथा अजय कुमार जैन ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस विधेयक को रद्द करने की मांग की है।

सचिन पायलट सहित अन्य कांग्रेसी गिरफ्तार

विवादित कानून के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन देने जा रहे कांग्रेस के मार्च को पुलिस ने विधानसभा के समीप ही रोक लिया । इसी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, प्रताप सिंह खाचरियावास सहित कांग्रेस के अन्य प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया।