महाकवि गोपाल दास नीरज को कोटा नगर निगम का पहला काव्य रत्न सम्मान

दशहरा मेले में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में की महाकवि ने शिरकत, कायस्थ समाज ने भी किया समाज शिरोमणि का भावभीना अभिनंदन

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कोटा। महाकवि गोपाल दास नीरज का विजयश्री रंगमंच पर अभिनंदन करते महापौर महेश विजय आदि।

न्यूज चक्र @ कोटा
दशहरा मेले में शनिवार रात 14 अक्टूबर आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में शिरकत करने आए महाकवि 93 वर्षीय गोपाल दास नीरज (सक्सेना) को नगर निगम की ओर से काव्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। नगर निगम ने इसी वर्ष से यह सम्मान दिए जाने की परम्परा शुरू की है। इसके तहत महाकवि को 75 हजार के चेक के साथ प्रतीक चिह्न व प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। इसी क्रम में कायस्थ शिरोमणि महाकवि नीरज का कायस्थ समाज की ओर से भी अलग से अभिनंदन किया गया। कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करने आए प्रसिद्ध कवि विष्णु सक्सेना से भी कायस्थ महासभा के पदाधिकारियों ने मुुलाकात की।
गौरतलब है कि महाकवि नीरज को पदमश्री,पदम भूषण व तीन बार फिल्म फेयर अवार्ड तक से सम्मानित किया जा चुका है। 4 जनवरी 1925 को जन्मे नीरज ने जिन्दादली से अपनी कविताएं लिखीं। इनकी सर्वाधिक चर्चित कविताओं में अब तो मजहब कोई ऐसा भी चलाया जाए, जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए शामिल है। उनके लिखे फिल्मी गीतों में सर्वकालिक गीत सुबह न आई, शाम न आई व कारवां गुजर गया, गुबार देखते रहे आदि हैं। नगर निगम की ओर से दशहरा मेला स्थल के विजयश्री रंगमंच पर महापौर महेश विजय आदि ने उन्हें सम्मानित किया।

वहीं अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की राजस्थान प्रदेश शाखा की ओर से महाकवि नीरज का दादाबाड़ी स्थित यूआईटी गेस्ट हाउस में प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर सहित जिलाध्यक्ष डॉ. विवेक श्रीवास्तव, महामंत्री नीरज कुलश्रेष्ठ, कोषाध्यक्ष आशुतोष श्रीवास्तव व युवा जिलाध्यक्ष मयूर सक्सेना ने माला पहनाकर अभिनंदन किया। साथ ही महिला जिलाध्यक्ष डॉ.रेणु श्रीवास्तव सहित नलिनी कुलश्रेष्ठ जी ने भी महाकवि को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

कोटा। महाकवि एवं कायस्थ शिरोमणि गोपाल दास नीरज के साथ अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर सहित अन्य पदाधिकारी।
कोटा। ओजस्वी कवि विष्णु सक्सेना के साथ कायस्थ महासभा के पदाधिकारी।