सिवायचक भूमि पर काबिजों को मिलेगा मालिकाना हक

एक जनवरी, 2017 से पूर्व की रिहायश का होगा सर्वे, जारी होंगे पट्टे

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न्यूज चक्र @ बून्दी
सिवायचक भूमि पर एक जनवरी, 2017 से पूर्व तक काबिज लोगों को भूमि का मालिकाना हक दिया जाएगा। इस सम्बन्ध में पंचायतीराज एवं राजस्व विभाग ने संयुक्त परिपत्र जारी किया है। आबादी विकास के लिए राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम के तहत सेट अपार्ट की जाने वाली भूमि में से जिस सिवायचक भूमि का उपयोग कर लिया गया है, उस भूमि को भी आबादी के विकास के लिए ग्राम पंचायत को आरक्षित एवं आंवटित किया जा सकेगा। पंचायत नियमों के तहत ऐसे अतिक्रमियों से राशि लेकर आबादी भूमि के पट्टे जारी होंगे।
एडीएम पीसी पवन ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सेवक एवं पटवारी वर्जित, प्रतिबंधित श्रेणी एवं सार्वजनिक प्रयोजनार्थ भूमि को छोड़कर 1 जनवरी, 2017 से पूर्व सिवाय चक भूमि पर मकान बनाकर रह रहवासियों का संयुक्त सर्वे करेंगे। सर्वे के अनुसार सूची तैयार होगी। सूची के साथ उस व्यक्ति के एक जनवरी, 2017 से पूर्व रहने के प्रमाणीकरण के लिए राशन कार्ड, वोटर आईडी, भामाशाह कार्ड, आधार कार्ड, बिजली, पानी, टेलीफोन बिल में कोई एक दस्तावेज जिस पर मकान का पता अंकित होगा, साथ लगाना होगा। सर्वे के बाद तैयार सूची सम्बन्धित तहसीलदार को भिजवाई जाएगी। तहसीलदार प्राप्त सूची पर सेट अपार्ट के प्रस्ताव तैयार कर एसडीएम को भिजवाएंगे। एसडीएम प्राप्त प्रस्तावों पर सक्षम स्तर से सेटअपार्ट करने की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।
पवन ने बताया कि सर्वे के दौरान यह ध्यान रखा जाएगा कि जिन गांवों की वर्तमान भूमि से जुड़ी हुई सिवायचक भूमि पर मकान बनें हों, उन्हें सेटअपार्ट के लिए सर्वे में शामिल किया जाएगा। इससे अन्यत्र ऐसी सिवायचक भूमि जहां पर मकान बिखरे, छितरे हुए हों, ऐसी सिवायचक भूमि पर कम से कम पांच मकान बने होने पर ही उन्हें सर्वे में शामिल किया जाएगा। यह कार्यवाही 15 दिन में पूरी करनी होगी। सम्बन्धित तहसीलदार सेटअपार्ट भूमि का राजस्व रिकॉर्ड में आबादी भूमि के रूप में ग्राम पंचायत के नाम दर्ज कर जमाबंदी की प्रति सहित विकास अधिकारी को भिजवाएंगे।
उन्होंने बताया कि विकास अधिकारी राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 के नियम 165 की पालना करवाते हुए सम्बन्धित रहवासियों को ग्राम पंचायत द्वारा पट्टे जारी करवाना सुनिश्चित करेंगे। राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 के नियम 165 (4) में अतिक्रमणों का विनियमन कर आवंटन करने का प्रावधान है। इसके तहत पंचायत भूमि के अतिचारियों का सर्वेक्षण और अतिक्रमणों का हटाया जाना, यदि पंचायत की यह राय हो कि यदि ऐसे अतिचार का विनियम कर दिए जाने से नियम 146 में उल्लेखित शर्तों का अतिक्रमण नहीं होगा तो वह अतिचारी भूमि का बाजार कीमत पर आवंटित करने का विनिश्चय कर सकेगी।
एडीएम ने बताया कि ग्राम पंचायत नियमों की पालना करते समय इस बात का ध्यान रखेगी कि वह एक परिवार को अधिकतम 300 वर्गगज या वास्तविक क्षेत्रफल, जो भी कम हो का पट्टा जारी करे। साथ ही ग्राम पंचायत ऐसे किसी परिवार को पट्टा नहीं देगी, जिसके पास पंचायत में पूर्व में ही आवासीय मकान व आवासीय भूखंड हो।