1993 मुम्बई ब्लास्ट: ताहिर व फिरोज को फांसी, अबू सलेम व करीमुल्लाह खान को उम्र कैद

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क/ नई दिल्ली

मुम्बई में 1993 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मामले में 24 साल बाद गुरुवार को टाडा की विशेष अदालत ने अंतिम फैसला सुनाया। इसमें अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। सजा सुनते ही वह रो पड़ा। सलेम पर दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं इसके साथी मोहम्मद ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल राशिद खान को फांसी की सजा मिली। जबकि करीमुल्लाह खान को उम्रकैद की सजा और दो लाख रुपए का जुर्माना। यदि करीमुल्लाह यह जुर्माना नहीं दे पाता है तो उसे दो साल और जेल में रहना होगा। रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा सुनाई गई है।

उल्लेखनीय है कि अबू सलेम को पुर्तगाल से प्रत्यार्पित कर भारत लाया गया था। पुर्तगाल से प्रत्यर्पण संधि होने के कारण कोर्ट सलेम को फांसी की सजा नहीं दे सका। 16 जून 2017 को कोर्ट ने इस केस में अबू सलेम, मुस्तफा दौसा, उसके भाई मोहम्मद दौसा, फिरोज अब्दुल राशिद खान, मर्चेंट ताहिर और करीमुल्लाह शेख को दोषी करार दिया था।

धमाकों के दोषी और उनके गुनाह

अबु सलेम
गुजरात के भरूच से मुम्बई में हथियारों की सप्लाई की।
9 एके 56 राइफल, 100 हैंड ग्रेनेड तथा गोलियां मुंबई पहुंचाईं। हथियार मुम्बई लाने और बांटने के साथ साजिश रचने का दोषी।

मुस्तफा दौसा
रायगढ़ में आरडीएक्स पहुंचाने और साजिश रचने का दोषी। आतंकियों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजने का दोषी। दोषी ठहराए जाने से पहले ही मुस्तफा दौसा की मौत हो गई थी।

ताहिर मर्चेंट
सीरियल धमाकों की साजिश में शामिल रहने का दोषी।
धमाके के बाद कुछ लोगों को पाकिस्तान भेजने का इंतजाम भी किया।

रियाज सिद्दीकी
विस्फोटक लाने के लिए अबु सलेम को अपनी कार दी।
रियाज सिद्दीकी की कार से ही विस्फोटक मुम्बई पहुंचा।

फिरोज खान
दुबई में धमाकों की साजिश रचने वाली मीटिंग में शामिल था। धमाके के लिए मुम्बई में हथियार और विस्फोटक लाने में मदद की।

करीमउल्ला शेख
आतंकियों को पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग दिलवाने का दोषी। हथियार और विस्फोटक लाने में मदद पहुंचाने का दोषी।

यह था मामला
12 मार्च, 1993 को मुम्बई में एक के बाद एक लगातार 12 बम धमाके हुए थे। इन बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इन धमाकों में 27 करोड़ रुपए सम्पति नष्ट होने का अनुमान भी लगाया गया था। इस मामले में 129 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। वर्ष 2007 में टाडा कोर्ट ने 100 लोगों को सजा सुनाई। इसी मामले में याकूब मेमन को 2015 में फांसी हुई थी। ब्लास्ट से जुड़े एक अन्य मामले में ही फिल्म अभिनेता संजय दत्त अवैध हथियार रखने के दोषी पाए गए और उन्हें टाडा कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई थी। वहीं ब्लास्ट का मास्टर माइंड दाऊद इब्राहिम 1995 से फरार है।

इस वारदात में यह थी बड़ी बातें
1993 का मुम्बई सीरियल ब्लास्ट दुनिया का ऐसा पहला आतंकी हमला था, जिसमें बहुत बड़े पैमाने पर आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था। एक के बाद एक बारह धमाकों में जितना आरडीएक्स इस्तेमाल किया गया, उससे ज्यादा आरडीएक्स सिर्फ दूसरे वर्ल्ड वार के दौरान ही इस्तेमाल हुआ था।