एक्नो मशीन की कमी से गई स्वाइन फ्लू पीड़ित मांडलगढ़ विधायक की जान

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न्यूज चक्र @ चित्तौड़गढ़
स्वाइन फ्लू राज्य में एक बार फिर बेकाबू हो रहा है। जिले की मांडलगढ़ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक कीर्ति कुमारी की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई।
इस मौत ने स्वाइन फ्लू से निपटने में राजस्थान सरकार की नाकामी को भी उजागर कर दिया है।

स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने पर कीर्ति कुमारी को शनिवार शाम को राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां रविवार को कीर्ति कुमारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। फेफड़ों में संक्रमण बढ़ता जा रहा था। इसके उपचार के लिए एक्नो मशीन की जरूरत थी, लेकिन राज्य के इस सबसे बड़े अस्पताल के पास तक यह मशीन नहीं है।

इस पर जयपुर में इस मशीन की तलाश की गई। विभिन्न नामी प्राइवेट अस्पतालों को फोन लगाया गया।
एक प्राइवेट अस्पताल के पास मशीन थी, लेकिन खाली नहीं थी। वहीं फोर्टिस अस्पताल के पास मशीन भी थी और मरीज के इलाज के लिए भी तैयार था। इसके बाद उन्हे एसएमएस अस्पताल से फोर्टिज में शिफ्ट कर दिया गया।

कीर्ति कुमारी के नजदीकी लोगों का आरोप है कि उन्हें शिफ्ट करने में काफी देर कर दी, इससे हालत बिगड़ गई। फोर्टिस अस्पताल में इलाज करने वाले डाक्टरों का कहना है कि अगर उन्हें जल्दी शिफ्ट किया गया होता तो इलाज की कुछ उम्मीद की जा सकती थी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ ने स्वीकार किया कि एसएमएस के पास एक्नो मशीन नहीं है, इसी वजह से विधायक को फोर्टिस अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा। साथ ही सफाई भी दी कि सरकार ने इलाज में लापरवाही नहीं की। पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही मशीन के लिए दूसरे अस्पतालों से सम्पर्क कर लिया गया था।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू से 74 मरीजों की मौत हो चुकी। वहीं छह सौ से ज्यादा लोग इसके शिकार हैं। पिछले पांच साल में स्वाइन फ्लू से आठ सौ मरीजों की मौत हो चुकी है।

पूरे राज्य के लोगों के इलाज की अंतिम उम्मीद जयपुर का एसएमएस अस्पताल ही है। यहां राजस्थान के अलावा हरियाणा, यूपी सहित अन्य राज्यों तक से मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद से आते हैं। लेकिन राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में ही स्वाइन फ्लू के इलाज के समुचित प्रबंध न होना बड़े सवाल पैदा करता है।