दिग्गज जननेता प्रो. सांवरलाल जाट आखिर ज़िन्दगी की जंग हार गए

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 न्यूज़ चक्र @ दिल्ली/जयपुर/सेन्ट्रल डेस्क

भाजपा के दिग्गज, अजमेर सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रोफेसर सांवर लाल जाट का बुधवार सुबह दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। गत माह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जयपुर में हुई मीटिंग के दौरान वे दिल का दौरा पड़ने से बेहोश हो गए थे। 62 वर्षीय जाट के निधन से केवल भाजपा में ही नहीं राजस्थान के आमजन विशेषकर किसान वर्ग में भारी शोक की लहर छा गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम वसुंधरा राजे सहित विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने भी उनके निधन पर शोक जताया है।
गत माह अमित शाह की बैठक में तबीयत खराब होने पर जाट को जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। मगर यहां हालत में सुधार ना होने पर उन्हें दिल्ली एम्स में शिफ्ट कर दिया गया। यहां भी उन्हें लगातार डायलेसिस पर रखे जाने के बावजूद उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। किसान हितों के लिए लगातार कार्य करते रहने वाले सांवरलाल वर्तमान में राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष भी थे। वे मोदी सरकार में जल संसाधन राज्य मंत्री रहे थे।
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया था कि सांवरलाल की दोनों किडनियां खराब हो चुकी थीं। साथ ही उन्हें डायबिटीज भी थी। खास बात यह है कि अमित शाह की मीटिंग में भी वे डायलिसिस कराने के बाद पहुंचे थे। किसानों के मुद्दे पर बोलकर अपनी सीट की तरफ बढ़ रहे थे कि उन्हें बैचेनी होने लगी। इस पर कुछ क्षण बाद ही वे उठकर दरवाजे की तरफ बढ़े, मगर लड़खड़ाकर गिरे और बेहोश हो गए। इससे मीटिंग में भारी अफरा-तफरी मच गई। सीएम वसुंधरा राजे खुद अधिकारियों को उन्हें अस्पताल पहुंचाने के निर्देश देकर  साथ ही बाहर आ गईंं थीं।
इसके बाद ग्रीन कॉरिडोर बना कर जाट को भाजपा कार्यालय से एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया था। स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ सहित राजेन्द्र राठौड़ व श्रीचंद कृपलानी भी एम्बुलेंस से उनके साथ गए। यहां कार्डिक यूनिट-1 में डॉ. एसएम शर्मा की देखरेख में उनका इलाज चला था। सांवरलाल जाट अभी अजमेर से सांसद थे। उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव में सचिन पायलट जैसे दिग्गज को हराया था।