राज्यसभा चुनाव: अपने ही दो विधायकों के वोट रिजेक्ट करवाना चाह रही कांग्रेस

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न्यूज़ चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क 
 गुजरात की तीन राज्‍यसभा सीटों के लिए मंगलवार को जारी वोटिंग के दौरान एकाएक विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने अपने दो विधायकों पर पार्टी के खिलाफ जाकर भाजपा को वोट देने का आरोप लगाया। इस पर मतदान बीच में रोकना पड़ा। अब इन विधायकों के वोट रिजेक्ट करने की मांग चुनाव आयोग के पास विचाराधीन है।
कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के दोनों विधायकों ने भाजपा उम्‍मीदवार को वोट देने के बाद अपना वोट भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह को दिखाया, जो सरासर गलत है। गोहिल के इस आरोप के बाद कांग्रेस इस मामले को लेकर चुनाव आयोग पहुंच गई । वहां पार्टी के खिलाफ जाकर वोट देने और फिर उसे सामने वाली पार्टी को दिखाने पर दोनों विधायकों के मतदान को रिजेक्‍ट करने की मांग की गई। आयोग में मामला अभी भी विचाराधीन है।

क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ हालांकि संविधान विशेषज्ञ और पूर्व चुनाव आयुक्‍त की मानें तो कांग्रेस की मांग पर चुनाव आयोग विचार कर सकता है, लेकिन दोनों विधायकों का मतदान रिजेक्‍ट होने की संभावना कम है। हालांकि पार्टी लाइन से बाहर जाने पर पार्टी इन दोनों की सदस्‍यता रद्द कर सकती है।

संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष सी कश्‍यप का कहना है कि वोटिंग का अधिकार सभी को है। ऐसे में विधायक अपना मत किसी भी पार्टी के उम्‍मीदवार को देने के लिए स्‍वतंत्र है। जहां तक वोट विपक्षी पार्टी को दिखाने की बात है तो कोर्ट ने पार्टी रिप्रजेंटेटिव को वोट दिखाने की अनुमति दे दी है। ऐसे में पार्टी रिप्रजेंटेटिव को वोट दिखाने के बाद बहुत ज्‍यादा गोपनीयता नहीं बचती है। चूंकि मामला अभी चुनाव आयोग में है ऐसे में आयोग यह विचार कर सकता है कि विधायकों ने वोट किसे दिखाया और क्‍या वजहें रहीं।

वहीं, पूर्व चुनाव आयुक्‍त केजे राव का कहना है कि मामला चुनाव आयोग में है। ऐसे में आयोग सभी पक्षों को देखेगा और विधायकों ने किसी प्रकार के नियमों का उल्‍लंघन किया होगा तो कार्यवाही होगी। हालांकि वोट रिजेक्‍ट होने की संभावना सभी पक्षों को देखने के बाद ही तय होगी।