सेमिनारः दिग्गजों ने स्टार्टअप के लिए युवाओं को दिए अमूल्य टिप्स

आईआईएम व रीको की साझा पहल पर राज्य के 7 जिलों में शुरू हुआ स्टार्टअप अवेयरनेस कैम्पेन। सीपी यूनिवर्सिटी व झालावाड़ इंजीनियरिंग कॉलेज में बनाए गए स्टार्टअप सेन्टर।

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न्यूज चक्र @ कोटा
स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा तभी सफल हो सकते हैं, जब उन्हें अनिश्चितता के माहौल में काम करने की आदत हो, वे उतार-चढाव को सहन करने के लिए दिमागी तौर पर सक्षम और तैयार हों। अभी इन योग्यताओं के अभाव के कारण स्टार्टअप शुरू करने वाले तकरीबन 50 प्रतिशत युवा तो पहले साल ही असफल हो जाते हैं। कॅरिअर पॉइंट यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रमोद माहेश्वरी ने यह बात कही। माहेश्वरी आईआईएम, अहमदाबाद व रीको की संयुक्त पहल पर राज्य में शुरू की गई ‘स्टार्टअप ओएसिस’ शृंखला को मुख्य वक्ता के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर माहेश्वरी ने कहा कि यह तो सही है कि युवाओं में स्टार्टअप को लेकर थ्रिल है। कई क्षेत्रों में वे इनोवेटिव काम भी कर रहे हैं। मगर सफल ऑन्त्रप्रिन्योर बनने के लिए पहली चीज तो यह आवश्यक है कि हमें जिस चीज से प्यार है, वो ही करें। स्टार्टअप में जोखिम व चुनौती दोनों का सामना करना पड़ता है। आप यहां खुद के बॉस रहते हैं। बिजनेस के लिए दिन-रात जीना पड़ता है। हर अवसर को भुनाना सीखना पड़ता है। निवेशक यही देख कर कि आप बिजनेस में कितना जीते हैं, आप पर विश्वास करते हैं।
युवा ऑॅन्त्रप्रिन्योर्स को माहेश्वरी ने बताया कि 25 वर्ष पूर्व स्टार्टअप कल्चर नहीं था। उन्होंने वर्ष 1993 में आईआईटी से बीटेक कर कोटा में तिलक नगर के एक गैराज से ट्यूशन करने की चुनौती उठाई। कहीं ऊंचे पैकेज पर जॉब करने की बजाय बेराजगार के रूप में शुरुआत की। ऐसे में सोशल प्रेशर पर खरा उतरना बहुत मुश्किल था। इसलिए दिन-रात मेहनत में निरंतरता बनाए रखी। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप जो हासिल कर सकें, वहीं टारगेट बनाइये।
डिजिटल मार्केटिंग उभरता क्षेत्र
टेडस्टार्ट सेेमिनार में लोका ग्लोब के सीईओ अतुल माथुर ने कहा कि गूगल पर रोज 4.6 बिलियन यूजर्स सर्च करते हैं। 2 बिलियन यूजर फेसबुक से जुडे़ हुए हैं। देश में 654 मिलयन इंटरनेट यूजर हैं। ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग को समझना बहुत जरूरी है। सही सर्च इंजन व ई-कॉमर्स से स्टार्टअप को प्रमोट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में इनोवेशन व स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए ऐसे सेमिनार राज्य के 7 जिलों में होंगे। बिंदास वॉशिंग के सीईओ आईआईटीयन पंकज मालपानी व ए-2 स्टूडियो डॉट कॉम के सीईओ अंकुर मित्तल ने भी इस दौरान अपने अनुभव शेयर किए। सेमिनार में सीपीयू के कुलपति डॉ. डीएन राव सहित कोटा के कई ऑन्त्रप्रिन्योर शामिल हुए।

सफलता के मूल मंत्र

– अपने सेक्टर के एक्सपर्ट बनो। प्रॉब्लम के सामान्य सॉल्यूशन बनाओ।
– हमें ताज महल नहीं बनाना, वो केवल देखने के लिए है, रहने के लिए नहीं।
– प्रॉडक्ट को रिलीज करो, उसके लेवल बनाते चलो। मार्केट से फीडबेक लो।
– बिजनेस में स्ट्रेट टर्न के बाद एल टर्न से उसमें सुधार करो। लोचशीलता से फौरन बदलो।
– आप जॉब क्रिएटर हैं, सबसे नीचे वाला प्रॉब्लम दूर कर सके, ऐसी टीम चुनोे।
– आइडिया यूनिक होना जरूरी नहीं, जो सबके दिमाग में है, वह बेहतर होता है।
– करना है तो करना है, मन में यह आग पैदा करो। अंधेरे में तीर लगाना मुश्किल है, उसे स्वीकार करें।