आनंदपाल मसले पर आखिर बैकफुट पर आई वसुंधरा सरकार

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न्यूज़ चक्र @ जयपुर

गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर की सीबीआई से जांच कराने की मांग पर पच्चीस दिन तक राज्य को सांसत में डाले रखने के बाद मंगलवार को वसुंधरा सरकार आखिरकार झुक गई । राजपूत संगठनों की बात मानते हुए सीबीआई जांच की अनुशंषा करने की सहमति दे दी। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी।

एनकाउंटर की सीबीआई जांच सहित अन्य मांगों को लेकर राजपूत समाज के प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता के बाद सरकार ने यह घोषणा की। कटारिया ने बताया कि सरकार आनंदपाल एनकाउंटर मामले में दर्ज हुई दो एफआईआर को लेकर सीबीआई जांच की अनुशंषा करेगी। वहीं, राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज लोटवाड़ा ने सरकार से वार्ता के बाद कहा कि सरकार ने उनकी सभी 7 मांगें मान ली हैं। आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआई जांच के साथ उसकी बेटी चीनू के भारत लौटने का रास्ता भी साफ हो गया है। लोटवाड़ा ने बताया कि सरकार ने पूरे मामले में सकारात्मक सहयोग के लिए सहमति जताई है। इसी के साथ 22 जुलाई के प्रस्तावित जयपुर कूच  को स्थगित किए जाने की अधिकारिक घोषणा करने की बात भी कही।

इससे पहले सोमवार को राजपूत सभा भवन में हुई समाज की बैठक में मांगों को लेकर 22 जुलाई को जयपुर कूच का ऐलान किया गया था। इसके बाद बीजेपी सरकार बैकफुट पर नजर आई और समाज के नेताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित करना पड़ा।

इन 7 बातों पर बनी सहमति
1. अानंदपाल प्रकरण में दिनांक 24 जून, 2017 को हुई आनंदपाल की मृत्यु (एफआईआर संख्या 190/17 पुलिस थाना रतनगढ़) एवं, दिनांक 12 जुलाई, 2017 को सांवराद में हुए घटनाक्रम में सुरेन्द्र सिंह की मृत्यु (एफआईआर संख्या 238/17 पुलिस थाना आशोकनगर) से सम्बंबन्धित प्रकरणों की जांच सीबीआई से करवाने के लिए राज्य सरकार की ओर से अनुशंषा प्रेषित करने पर सहमति बनी।
3. राज्य सरकार द्वारा अन्य प्रकरणों में दर्ज मुकदमों में कोई द्वेषतापूर्ण कार्यवाही नहीं की जाएगी।
4. आनंदपाल की पुत्री को भारत आने में राज्य सरकार की ओर से कोई रुकावट नहीं डाली जाएगी। श्रवणसिंह व उसके परिवार पर कोई नजरबंदी नहीं है । उसका परिवार अपना सामान्य जीवनयापन कर रहा है। कल कुछ पत्रकार उनसे मिले भी हैैं। श्रवणसिंह या उसके परिवार का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति उनके मकान को संभाल सकता है।
5. कमांडो सोहनसिंह का परिवार जयपुर से मेदांता हॉस्पिटल साथ में ही गया है। वहां यदि परिजनों को चिकित्सा कारणों से मिलने में कठिनाई आए तो चिकित्सकों से सम्पर्क कर उसके परिजनों को मिलाने में अपेक्षित सहयोग किया जाएगा।
6. आनंदपाल के परिजनों द्वारा आवेदन करने के 24 घंटे के भीतर प्रथम पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी।
7. राज्य सरकार के द्वारा जन आंदोलन के दौरान हिंसा में घायल, मृतकों के परिजनों को देय मुआवजे के सम्बंध में राज्य सरकार द्वारा पूर्व प्रसारित दिशा-निर्देश के अनुसार सहायता दी जाएगी।