बांसवाड़ा : जीप सहित नदी में बह गए कुशलगढ़ एसडीएम

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न्यूज़ चक्र @ बांसवाड़ा/ सेन्ट्रल डेस्क

बासवाड़ा जिले के कुशलगढ़ एसडीएम रामेश्वर दयाल मीणा शुक्रवार सुबह ढेबरी नदी में बह गए। करीब पन्द्रह घंटे की मशक्कत के बाद भी उनका सुराग नहीं लगने व अंधेरा हो जाने के कारण बचाव कार्य बंद कर दिया गया था। अलवर जिले के राजगढ़ निवासी मीणा अवकाश पर घर आए हुए थे। अवकाश खत्म होने के बाद वे बांसवाड़ा पहुंच कर जीप में कुशलगढ़ जा रहे थे। रास्ते में बिलड़ी के पास ढेबरी नदी के पुल को पार करते समय उनकी गाड़ी पानी में बह गई। ड्राइवर तो कुछ दूर तैर कर बाहर निकल आने में सफल रहा था।

इस हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक लवाजमा मौके पर पहुंच गया। साथ ही जिला प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य भी शुरू करवा दिया था। जिला कलक्टर भगवती प्रसाद, जिला पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत, अतिरिक्त जिला कलेक्टर हिम्मत सिंह बारहठ, बागीदौरा डीएसपी सहित सज्जनगढ़, कुशलगढ़ व कलिंजरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। जिला कलक्टर भगवती प्रसाद व एसपी कालूराम रावत ने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ भी जमा हो गई थी। जलस्तर कम होने पर दोपहर बारह बजे बाद जीप कलिंजरा के समीप मिट्टी में धंसी हुई मिल गई। मगर मीणा का पता नहीं चल सका।

हादसे में बचकर निकले जीप ड्राइवर अशोक ने बताया कि सुबह करीब सात बजे बांसवाड़ा से कुशलगढ़ के लिए निकले थे।इसके करीब पौन घंटे बाद जब पुल पार करने लगे तो नदी में पानी कम था। मगर अचानक पानी की मात्रा व उसका वेग काफी तेज हो गया। इससे जीप नदी में बह गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसके ठीक बाद एसडीएम मीणा व ड्राइवर अशोक दोनों गाड़ी से बाहर कूद गए थे। ड्राइवर तो करीब दो किलोमीटर दूर पर तैर कर बाहर निकल गया था, मगर एसडीएम मीणा इसमें सफल नहीं हो पाए और बहते हुए दूर निकल गए। अंधेरा होने से बंद किया बचाव कार्य अब शनिवार सुबह वापस शुरू किया जाएगा । मीणा के तीन पुत्र हैं। वे अवकाश के बाद गुरुवार दोपहर बांसवाड़ा के लिए रवाना हुए थे। घटना की सूचना पाकर उनके परिजन बांसवाड़ा के लिए रवाना हो गए थे।