सांप, गोयरे पकड़ने वाली निगम की टीम के खिलाफ वन विभाग अब नहीं करेगा कार्यवाही

नाराज पार्षदों की शिकायत पर एडीएम सिटी ने डीएफओ को दिए निर्देश

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न्यूज चक्र @ कोटा
शहर में आए दिन निकलने वाले सांप व गोयरों को निगम की रेस्क्यू टीम द्वारा पकड़ने पर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करने की धमकी देने व उन्हें ऐसा न करने के लिए पाबंद करने के वन विभाग के फरमान के खिलाफ बुधवार को कोटा उत्तर क्षेत्र के पार्षदों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया।
पार्षदों ने इस ज्ञापन में कहा है कि वर्षों से निगम की रेसक्यू टीम ही सांप व गोयरों को पकड़ती आ रही है। परन्तु कुछ दिनों पूर्व निगम के गोताखोर विष्णु शृंगी सहित सभी सदस्यों को जिला वन अधिकारी ने सांप पकड़ने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज की धमकी दी गई। साथ ही ऐसा न करने के लिए पाबंद भी किया गया। इसके चलते इन निगम कर्मियों ने यह काम बंद कर दिया।
पार्षदों का कहना था कि बरसात का मौसम सिर पर है। ऐसे में सांप व गोयरों के निकलने की घटनाओं में और इजाफा होगा। इस पर लोग हमें फोन कर इन्हें पकड़वाने की गुहार करेंगे। ऐसे में हमें निगम कर्मियों से ही यह काम करवाना होता है। इन सात दिनों में हमने ऐसी स्थिति सामने आने पर कई बार वन विभाग में फोन किए , परन्तु सांप, गोयरे पकड़ना तो दूर वहां से कोई संतोषजनक जवाब तक नहीं मिला। ऐसे में शहरवासियों के सामने घर मेें घुस आए ऐसे जानवरों को मारने के सिवा कोई और रास्ता नहीं बचा है।
जिला कलक्टर ने एडीएम को यह ज्ञापन लेने के निर्देश दिए। एडीएम सिटी से उनके कार्यालय में पार्षदों ने अपनी समस्या बताई। साथ ही मांग की कि वन विभाग या तो अपनी हेल्प लाइन सुविधा प्रारम्भ करे या शहरवासियों को कोई अन्य ऐसा फोन नम्बर उपलब्ध करवाया जाए, जिस पर इस तरह के जानवरों को पकड़ने लिए सूचना दी जा सके। या इन जानवरों को पकड़ने पर पूर्व की भांति निगमकर्मियों पर कार्यवाही नहीं की जाए। इस पर एडीएम सीटी ने डीएफओ से फोन पर बात की। इसमें डीएफओ को इन खतरनाक जानवरों को या तो अपने स्तर पर पकड़वाने का काम करने को कहा, ऐसा न हो पाने पर निगम कर्मियों को इससे नहीं रोकने के निर्देश दिए। साथ ही ऐसे मामलों में हाल ही में दर्ज हुए मुकदमों व पाबंद करने की कार्यवाही को रोकने की बात कही।
वार्ता के दौरान एडीएम सिटी ने माना कि आम आदमी के घर में यदि सांप, गोयरा जैसे जानवर घुस जाते हैं तो पूरा परिवार भयभीत हो जाता है। इस पर उसे तुरन्त सहायता की आवश्यकता होती है। जो निगम की टीम द्वारा उपलब्ध करवा दी जाती है। उन्होंने पार्षदों को आश्वस्त किया कि आगे से कोई परेशानी नहीं होगी।
ज्ञापन देने वालों में पार्षद हेमा सक्सेना, मधु कुमावत, मिनाक्षी गुप्ता, ममता महावर, धापू मेहरा, चन्द्र प्रकाश सोनी, राकेश पुटरा, चिमन बैरवा, नीरज कुशवाह व बशरूद्दीन कुरैशी के अलावा प्रशान्त सक्सेना, घनश्याम कुमावत, राजेन्द्र महावर, कौशल मेहरा आदि भी शामिल थे।