फिर बिफरे ज्ञानदेव आहूजा, थाने का घेराव कर जमकर हंगामा

लव जेहाद की बढ़ती घटनाओं सहित अवैध खनन व गौ तस्करी के लिए पुलिस के खिलाफ रोष, विधायक के समर्थक व थानेदार समर्थक दलित समाज के लोग हुए आमने-सामने, जमकर नारेबाजी, तनाव के हालात, पुलिस बल तैनात

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न्यूज़ चक्र @ जयपुर/ अलवर
अलवर जिले की रामगढ़ विधान सभा सीट से भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने एक बार फिर अपनी पार्टी की सरकार को सांसत में डाल दिया। अपने विधान सभा क्षेत्र में लव जेहाद की घटनाओं के बढ़ने के आरोप सहित अन्य मुद्दों को लेकर उन्होंने मंगलवार को कार्यकर्ताओं के साथ रामगढ़ थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया। इस दौरान आहूजा ने कानून व्यवस्था पर जमकर सवाल उठाए। इनकी मांगों में थानेदार को हटाना भी शामिल था। इस पर विधायक समर्थक और थानेदार के समर्थक दलित समाज के लोगों ने अलग-अलग रैलियां निकाल एसडीएम को ज्ञापन दिए। एसडीएम कार्यालय में दोनों पक्षों के आमने-सामने हो जाने से तनाव के हालात पैदा हो गए। दलित समाज के लोग जोर-शोर से पुलिस प्रशासन के पक्ष में तो विधायक समर्थक विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। करीब आधे घंटे तक ऐसे हालात रहे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।

विधायक आहूजा का कहना था कि जिले में बढ़ती गौ तस्करी की घटनाओं व अवैध खनन से भी वे आहत हैं। अवैध खनन में लगे हुए ओवरलोड डम्फर धड़ल्ले से दौड़ते रहते हैं। यह सब काम पुलिस संरक्षण में हो रहा है। पुलिस इन अवैध खनन करने वालों से मंथली लेती है। इसके अलावा दलितों पर हमले और लव जेहाद के मामलों में भी पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है।

विरोध पुलिस की कार्यशैली का, राज्य सरकार का नहीं

अपनी सरकार के लिए कई बार मुसीबत खड़ी कर चुके ज्ञानदेव आहूजा ने इस बार साफ किया कि उनका यह विरोध प्रदर्शन पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ है, सरकार के खिलाफ नहीं है। लेकिन मेवात में कानून व्यवस्था के हालात नहीं सुधरने पर उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पर भी धरना देने की चेतावनी दे डाली। आहूजा ने कहा कि रामगढ़ थानाधिकारी की अकर्मण्यता के कारण उन्हें धरना देना पड़ रहा है । इसके बाद एसपी कार्यालय, आईजी कार्यालय व डीजी कार्यालय पर भी धरना, प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा।
विधायक ने कहा कि मेवात में लव जिहाद की पहले कोई समस्या नहीं थी, लेकिन पिछले एक महीने में ही अलावड़ा, सैयद खेड़ली व किशनगढ़ में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं। मगर पुलिस ने इन पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा मेवात में गौ तस्करी भी नहीं रोकी जा रही है। अनुसूचित जाति पर अत्याचार के भी 15 मामले दर्ज हुए है।
कानून हाथ में लेना गलत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा गौ रक्षा के नाम पर लोगों को मार दिए जाने की घटनाओं पर आक्रोश जताने के मुद्दे से जुड़े सवाल पर आहूजा ने कहा कि बहरोड़ में हमले में मारे गए पहलू खां के मामले में कह चुका हूं कि कानून हाथ में नहीं लिया जाना चाहिए। सरकार के खिलाफ नाराजगी से साफ इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार मेरे सब काम करती है।
क्षेत्र में मेरे कहने पर ही अधिकारी लगाए जाते हैं। सिर्फ कानून व्यवस्था के मुद्दे पर ही वह धरना दे रहे हैं।