अब गैंगस्टर को देवता बना मंदिर में बिठाने की मंशा!

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न्यूज चक्र @ कोटा/जोधपुर/सेन्ट्रल डेस्क
जोधपुर सम्भाग (मारवाड़) सहित शेखावाटी में राजपूत व जाट जातीय संघर्ष के अगुवा रहे थे गैंगस्टर आनंदपाल व इसी तरह से कुख्यात राजू ठेहठ । आनंदपाल पुलिस का शिकार बन चुका है। राजू जेल में हैं। मामूली झगड़ों से शुरू हुई इनकी व्यक्तिगत रंजिश को दोनों समाजों ने बाद में अपनी-अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। सालों पहले की बात है यह। अब वैसे हालात तो नहीं, वैसी रंजिश तो नहीं, फिर भी जाट व राजपूत की दोस्ती आज भी बिरला उदाहरण ही होती है।
इसी ‘मूंछ के सवाल’ व प्रतिष्ठा की दबी चिंगारी को आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद फिर हवा मिल रही है। यह अलग बात है कि यह अब राजस्थान पुलिस व सरकार के खिलाफ है। आनंदपाल राजपूत समाज के बड़े वर्ग के लिए गर्व का प्रतीक माना जाता था। राजू ठेहठ को जाट समाज भी इसी रूप में लेता है। अपनी शानदार सांस्कृतिक व सामाजिक विरासत के लिए देशभर में प्रसिद्ध मारवाड़ व शेखावाटी की यह बड़ी त्रासदी है। खैर अब आनंदपाल को महिमामंडित करने का आंदोलन शुरू हो चुका है। यहां तक कि आनंदपाल की जिस मां ने पहले कहा था कि मेरे पास आ गया तो पुलिस को सौंप दूंगी, के तैवर भी बदल गए हैं । जिस जातीय व राजनीतिक प्रश्रय ने राजू ठेहठ व आनंदपाल को बड़े गैंगस्टर बनने का हौंसला दिया था, वह अब फिर दूसरे रूप में सक्रिय है। इसमें बेशर्मी से कई स्थानीय छुटभयै नेता भी अपनी रोटियां सेकने में लगे हुए हैं। इसी बीच न्यूज चक्र को सूत्रों से जानकारी मिली है कि आनंदपाल के समर्थकों का एक बड़ा वर्ग, जिसकी रोजी-रोटी, काले धंधे उसके नाम से ही चलते थे, अब उनके बेरोजगार होने की समस्या खड़ी हो गई है। इनमें से ही कुछ तो आनंदपाल का मंदिर तक बनाने की योजना बनाने लगे हैं। जिसमें उनके ‘आदर्श’ की उसकी खास स्टाइल में बनी हुई आदमकद प्रतिमा लगाई जाए। अगर इस विचार ने मूर्त रूप ले लिया तो……!