न्यूज चक्र @ कोटा/बीकानेर/नागौर/सेन्ट्रल डेस्क
गैंगस्टर आनंदपाल के 24 जून की रात हुए पुलिस एनकाउंटर के सम्बन्ध में वायरल हो रहे एक ऑडियो तथा एक फेसबुक एकाउंट पर समय-समय पर की गई पोस्टों ने खलबली मचा दी है । ऑडियो में बीकानेर का एक कांस्टेबल इस एनकाउंटर को फर्जी बताता सुनाई दे रहा है। वहीं वीर इन्द्रा सारन (Veer Indra Saran) नाम से बने एक फेसबुक एकाउंट पर आनंदपाल के एनकाउंटर से तकरीबन एक घंटे पहले ही उसके कुछ देर में खाक हो जाने का दावा कर दिया गया था। इससे 1घंटा 25 मिनट पहले यहां इसकी सम्भावना भी जताई जा चुकी थी।

Veer Indra Saran नाम के फेसबुक अकाउंट पर 24 जून की रात 8.57 बजे एक पोस्ट में कहा जाता है कि” आज हो सकती है आनंदपाल की गिरफ्तारी या एनकाउंटर।” इसके बाद रात 10.22 बजे अगली पोस्ट   ” कुछ ही देर में होगा आनंदपाल खाक। तैयारियां पूरी। SOG और हरियाणा पुलिस के साथ राजस्थान पुलिस की टीम करेगी कार्रवाई । बहुत जल्दी मिलने वाली है खुशखबरी। ”   यहां गौरतलब है कि ठीक इसी प्रकार से कुछ ही देर में (रात 11बजे के कुछ देर बाद ही) आनंदपाल मारा जा चुका था। फिर 25 जून की सुबह 7.38 बजे वीर इन्द्रा सारन की नई पोस्ट ” राजस्थान पुलिस को सलाम। मेरे दिल ने कल ही कह दिया था। कुछ बड़े संकेत मिल रहे थे। आनंद गयो, आनंद आयो। ” फिर रात को 8.29 बजे ” मारवाड़ (राजस्थान) की गंदगी (आनंदपाल) का सफाया करने पर पुलिस को बधाई देना तो बनता है।” लिखा गया। कुछ मिनट बाद 8.48 बजे आनंदपाल की मौत कार जश्न टाइटल से अंधेरे में नाचते-गाते कुछ लोगों काफी वीडियो आया।

दूसरी ओर एक ऑडियो भी इस सम्बन्ध में वायरल हो रहा है। इसमें बीकानेर का एक पुलिसकर्मी अपने एक परिचित से बातचीत में इस एनकाउंटर को फर्जी कहता सुनाई दे रहा है। इस सम्बन्ध में बीकानेर के एक पुलिस अधिकारी राजेश विश्नोई ने माना कि उन्हें भी इस ऑडियो की जानकारी मिली है। मगर उनके पास आए ऑडियो के नहीं खुलने की बात कही। इस पर न्यूज़ चक्र ने उन्हें यह ऑडियो सेंड किया। हालांकि विश्नोई ने यह तो बता दिया कि ऑडियो में जिस कांस्टेबल की आवाज बताई जा रही है उसका नाम चरण सिंह है। साथ ही वह आनंदपाल का रिश्तेदार है। उसके आनंदपाल को सहयोग करने के कारण दो बार जेल जा चुकने की बात भी बताई। इस प्रकार  चरण सिंह के द्वारा ऐसी बात करना स्वभाविक है।

बवाल मचा तो वीर इन्द्रा सारन भी बदला

सारन की फेसबुक पोस्टों पर सोमवार रात को बवाल मचने के साथ ही उसने अपना स्पष्टीकरण देना शुरू कर दिया। कुछ देर पहले लिखा ” मैंने परसों रात की मूल पोस्ट को edit करके दूसरी झूठी पोस्ट डाल दी थी। मुझे आनंदपाल के एनकाउंटर की कोई जानकारी नहीं थी। मैं गलत पोस्ट डालने के लिए क्षमा चाहता हूं।

नागौर पुलिस ने ऐसे किया पटाक्षेप

इस फेसबुक पोस्ट की जानकारी वायरल होने के बाद नागौर एसपी परिस देशमुख सक्रिए हुए। उनके प्रयास से जल्दी ही युवक विरेन्द्र सारन जिसने वीर इन्द्रा सारन नाम से फेसबुक एकाउंट बना रखा था, को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि एनकाउंटर मामले में सनसनी फैलाने के लिए पुरानी पोस्ट को एडिट करके उसकी जगह लोगों को भ्रमित करने वाली फर्जी पोस्ट डाल दी थी। जबकि इनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं था। इसके बाद उससे पुलिस ने गलती पर क्षमा मांगने की पोस्ट भी उसके एकाउंट पर डलवा दी थी। उसके खिलाफ आगे की कार्यवाही जारी थी।

नोट-खबर के साथ वीर इन्द्रा सारन की फेसबुक पोस्टों के स्नेप शॉट संलग्न है।