अल्पसंख्यक समस्याओं पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गिरी गाज

राज्य मंत्री अशरफ अली की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने तीन अधिकारियों को हटाया

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न्यूज चक्र @ बाड़मेर

केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से जिले में संचालित विभिन्न अल्पसंख्यक योजनाओं के प्रति लापरवाही बरतने वाले तीन अधिकारियों को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शिकायत मिलते ही हटा दिया। राजस्थान उर्दू अकादमी के चैयरमेन राज्यमंत्री अशरफ अली ने इस सम्बन्ध में उन्हे रिपोर्ट भेजी थी।

उल्लेखनीय है कि गत 7 मई को बाड़मेर में आयोजित हुई अल्पसंख्यक मामलात की समीक्षा बैठक में राज्य मंत्री अली को भारी लापरवाही देखने को मिली थी। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री राजे से शिकायत की। इसमें उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक विभाग के शासन सचिव विपिन शर्मा औऱ निदेशक शकुंतला सिंह  के खिलाफ राज्यभर से शिकायतें मिल रहीं हैं। इस पर इन दोनों अधिकारियों को हटा दिया गया। इसी क्रम में सोमवार, 19 जून को बाड़मेर- जैसलमेर के अल्पसंख्यक अधिकारी राधेश्याम रामावत को भी हटा दिया गया।

राज्य मंत्री अली ने यह की थी शिकायत

राज्य मंत्री अशरफ अली ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट दी थी  कि राज्यभर से अल्पसंख्यक समुदाय के विभिन्न वर्गों व  लोगों से शिकायतें आ रही हैं। इनमें कहा जा रहा है कि अधिकारी अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की समस्याएं नहीं  सुनते हैं। सुनते भी हैं तो उनका निराकरण ना के बराबर होता है। इस सम्बन्ध में बाड़मेर-जैसलमेर में सबसे बुरे हालात हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री कार्यालय ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बाड़मेर को हटाने के आदेश जारी कर दिए।

यह था मामला

उर्दू अकादमी के चेयरमैन राज्यमंत्री अशरफ अली की 7 मई को आयोजित 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में 21 विभागों के अधिकारियों की बजाय महज 4 अधिकारी ही मौजूद रहे थे। इससे नाराज मंत्री बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए थे। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय को इस बात की शिकायत भी भेजी थी। इस पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अनुपस्थित रहे अधिकारियों की लिस्ट जिला प्रशासन से मांग ली थी।