बून्दी में होगा राष्ट्रीय स्तर का उर्दू सेमिनार : राज्य मंत्री खिलजी

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न्यूज चक्र @ बून्दी
राजस्थान उर्दू अकादमी के चैयरमेन राज्य मंत्री अशरफ अली खिलजी ने राज्य में उर्दू भाषा के प्रति समझ और जागरुकता बढ़ाने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं।
इनमें बून्दी में राष्ट्रीय स्तर का उर्दू सेमिनार आयोजित करने, प्रत्येक जिला मुख्यालय पर सभी तबकों के लिए
उर्दू कोचिंग शुरू करने आदि शामिल थीं। खिलजी ने मुख्यमंत्री वसुंधराराजे की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि उर्दू को बढ़ावा देने में बजट की बिलकुल भी कमी नहीं आने दी जाएगी। वे रविवार को स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

इस अवसर पर राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि उर्दू किसी एक मज़हब की भाषा न होकर सभी देशवासियों की भाषा है। इसमें जबरदस्त मिठास है। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ताओं की राजकीय महाविद्यालय बून्दी में उर्दू विषय खोले जाने की मांग पर उन्होंने शीघ्र उचित कार्यवाही का भरोसा दिया। साथ ही अल्पसंख्यक छात्रावास की आवश्यकता बताई जाने पर बून्दी जिला कलेक्टर शिवांगी स्वर्णकार से बात कर उन्हे इसके लिए भूमि आंवटन करने और अल्पसंख्यक वर्ग की अन्य समास्याओं के निस्तारण के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी बताया कि बून्दी में होने वाली राष्ट्रीय स्तरीय उर्दू समिनार में शाम-ए-ग़जल, ड्रामे, दास्तान-ए-गोई आदि का आयोजन होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीएम वसुंधरा राजे नेक दिल इन्सान हैं , जो सभी 36 कौमों का विकास करना चाहती हैं। उनका एक ही नारा है- ‘सबका साथ – सबका विकास’। कार्यकर्ताओं से राज्य मंत्री खिलजी ने यह आह्वान भी किया कि वे राज्य सरकार की योजनाओं का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें।
इससे पूर्व खिलजी का सर्किट हाउस पहुंचने पर उनके मित्र वेब न्यूज चैनल ‘ न्यूज चक्र डॉट कॉम ‘ के एडिटर इन चीफ राजीव सक्सेना सहित भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष महेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ भाजपाई एडवोकेट राजकुमार दाधीच, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष जावेद खान, हुमैरा कैसर, मुुुुत्तलिफ अंसारी, समीर खान मेहर देवीकोट आदि ने स्वागत किया । गौरतलब है कि खिलजी कोटा जाते समय अपने पुराने​ मित्र वरिष्ठ पत्रकार सक्सेना से मुलाकात​ करने सर्किट हाउस में रुके थे। यहां से वे कोटा रवाना हो गए। जहां उन्होंने हज कमेटी चैयरमेेन अमीन पठान की इफ्तार पार्टी में शिरकत की।

बून्दी। राज्य मंत्री अशरफ अली खिलजी को अपनी मांगों काफी ज्ञापन सौंपते अल्पसंख्यक मोर्चा कार्यकर्ता।