मध्यप्रदेश के किसान आंदोलन की आग राजस्थान पहुंची

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मंदसौर। कृषि मंडी में बैठक करते किसान।

न्यूज चक्र @ प्रतापगढ़/सेन्ट्रल डेस्क
राजस्थान के निकटवर्ती मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से होती हुई किसान आंदोलन की आग मंगलवार को प्रतापगढ़ जिले में भी पहुुंच गई। इसी के चलते यहां भी किसानों ने सड़कों पर दूध व सब्जियां फेंक कर विरोध जताया।
दूध के कई टैंकर खाली कर देने से सड़क पर दूध की नदी बहने का सा नजारा हो गया। किसानों ने काफी देर जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया। फिर कृषि मंडी मेें बैठक आयोजित की। किसानों के इस आंदोलन के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बाजारों से दूध व सब्जियां गायब हो गईं। इससे लोग बुरी तरह परेशान हैं।

ये हैं किसानों की मांगें

आंदोलनकारी किसानों की मांग है कि उपज का समर्थन मूल्य लागत से ज्यादा हो। बीमा कम्पनियां समय पर क्लेम पास करें। अटके हुए मुआवजे जल्द मिलें। किसानों ने 10 जून तक उनकी मांगें नहीं मानी जाने पर आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी है। यह मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा।

मंदसौर में फायरिंग से 5 किसानों की मौत
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कई दिनों से चल रहा किसानों का आंदोलन मंगलवार को हिंसक हो गया। इस दौरान मंदसौर जिले के पिपलिया में आगजनी पर उतारू किसानों पर पुलिस ने फायरिग कर दी। इसमें 6 किसानों की गोली लगने से मौत हो गई। हालांकि सीएम शिवराज सिंह का कहना कि ये मौतें पुलिस फायरिंग से नहीं हुई हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की साज़िश का नतीजा कहा​ है।

पिपलियामें हजारों किसान सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कुछ ट्रकों में आग लगाने की कोशिश की। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को फायरिग करनी पड़ी। गोली लगने से 5 किसान घायल हो गए। इनमें से 3 किसानों ने स्थानीय अस्पताल में ही उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाकी 2 अन्य घायल किसानों की इंदौर ले जाते समय मौत हो गई। मंदसौर में तनावग्रस्त माहौल को देखते हुए प्रशासन ने जिलेभर में कर्फ़्यू लागू कर दिया है।