सम्भागीय आयुक्त मीणा ने एसीबी की कार्रवाई पर यह बात क्यों कही ?

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न्यूज चक्र @ कोटा 

सम्भागीय आयुक्त रघुवीर मीणा ने शनिवार को बिनानी सभागार में आयोजित ‘मीट द प्रेस’ में तहसीलदार सेवा से शुरू होकर आरएएस, फिर आईएएस  व सुपर टाइम स्केल आईएएस तक प्रमोट होने के अपने लम्बे प्रशासनिक अनुभवों को बेहद साफगोई से पत्रकारों से साझा किया। इनमें वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा विभिन्न राजनेताओं से मिले खट्टे-मीठे अनुभव भी शामिल रहे।

सम्भागीय आयुक्त की  इस ईमानदाराना फितरत को हैरानी के साथ पत्रकारों ने एन्जॉय किया। साथ ही कुछ प्रश्न भी पूछे। राजस्थान पत्रकार संघ (जार) की ओर से इस कार्यक्रम का आयोजन बिनानी सभागार में किया गया था। मीणा इस माह के अंत में सेवानिवृत होने जा रहे हैं।

ये रहीं खास बातें-

-साठ साल की उम्र में भी जबरदस्त याददाश्त। 15 सैकंड में राज्य के सभी 33 जिलों के नाम बता देने का दावा व उनके भौगोलिक क्रम में बिना अटके बोल कर दिखा भी दिए।

-बारां जिले की अंता तहसील की सारी पंचायतों के नाम करीब तीन दशक बाद भी याद।

-पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी एक प्रकरण में मीणा की याददाश्त के कायल हो गए थे।

-और सामान्य इतने कि अनजान नम्बरों से आने वाली मोबाइल कॉल को अगर उस समय रिसीव नहीं भी कर पाए तो कॉल बैक करते हैं। सम्भाग के चारों जिलों में से कोई भी व्यक्ति अगर उन्हें फोन कर परेशानी बताता है तो वे उसका भी निराकरण करते हैं। कार्यक्रम के दौरान ही उन्हें ऐसे कुछ कॉल आए।

-हाड़ौती के विभिन्न जिलों में पूर्व में आरएएस अधिकारी के रूप में लम्बा समय गुजार चुके मीणा को अब यह सम्भाग ही गृह जिला लगने लगा है।

-पुत्र का जन्म अंता में ही हुआ था। वो कोटा में ही देना बैंक के मैनेजर हैं। पुत्री भी यहां एमबीबीएस हॉस्पिटल में डॉक्टर हैं।

–टाइम के पूरी तरह पंक्चुअल। मूलमंत्र यह कि काम कोई भी हो, चाहे पियोन का ही हो, कभी भी छोटा मत समझो। ईमानदारी से सही काम करते जाओगे तो आगे से आगे बड़ी जिम्मेदारी मिलती जाएगी।

-मानते हैं प्रशासनिक तरीकों में बदलाव आ गया है। सन् 89 में सरोलाकलां में फायरिंग करवानी पड़ी। 57 राउंड फायर हुए, कुछ भी नहीं​ छुपाया, यही रिपोर्ट भेजी। इतने राउंड फायरिंग के बावजूद भी केवल एक ही कैजुअल्टी हुई थी। सरकार से एप्रिशिएशन मिला। आज कहा दौर होता तो एक कैजुअल्टी पर भी सस्पेंशन हो जाता।

-पहले के मुकाबले क्वालिटी ऑफ वर्क में कमी आई है।

-पत्रकारों को सलाह दी कि सच्चाई ही लिखें, गलत ज्यादा समय तक नहीं टिकता। हाड़ौती के पत्रकारों की तारीफ की

मीणा की यह बात अखरी-

24 मई को एसीबी ने सीएडी कार्यालय में छापा मारकर जेईएन, अकाउंटेंट व एलडीसी को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते धरा था।  एसीबी की इस कार्रवाई पर सम्भागीय आयुक्त रघुवीर मीणा ने कहा कि फरियादी अगर मेरे पास आया होता तो ऐसी नौबत ही नहीं आती। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों के निकम्मेपन की वजह से वर्षों से अटके 11 लाख रुपए के लिए परेशान हो रहे माली की स्थिति की जगह इस बात पर अफसोस जताया कि धरे गए तीनों कर्मचारियों का सबकुछ स्पॉइल हो गया। उनकी गलती की सजा उनका परिवार पाएगा। मगर उन्होंने उस माली के परिवार की तंगहाली, परेशानी के बारे में नहीं बोला, जिसे पहले तो बेवजह नौकरी से निकाल दिया। सालों की न्यायिक प्रक्रिया के बाद वह बहाल भी हुआ तो भ्रष्ट अफसर उसके जायज पैसों को देने के लिए भी माफिया की तरह अपना ‘हिस्सा’ लेने की जिद पर अड़ गए। मीणा ने इस बात पर खुशी नहीं जताई कि इतने भ्रष्ट कर्मचारी अगर अभी पकड़े नहीं जाते तो आगे भी ऐसा खेल चलता रहता। शायद वे यह बात नहीं समझ सके कि जब कोई कर्मचारी ऊपरी कमाई कर घर ले जाता है तो उसके पूरे परिवार को इस बात का आभास होता है, क्योंकि तब परिवार में अतिरिक्त खर्च भी होता है। इस प्रकार परिवार भी उसके इस कृत्य में शामिल होता है। अगर ऐसे कर्मचारी को इसकी सजा नहीं मिले तो वह अपने परिवार के लिए आदर्श बन जाता है और उसके बच्चे भी बड़े होकर इसी रास्ते को अपनाते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता धीरज गुप्ता तेज ने की। रिछपाल पारीक विशिष्ठ अतिथि रहे। धीरज गुप्ता ‘तेज ‘ ने रघुवीर मीणा के जीवन और सेवा कार्यकाल पर प्रकाश डाला। संचालन प्रेस क्लब के पूर्व सचिव हरिमोहन शर्मा ने किया।अंत में सम्भागीय आयुक्त का जार की ओर से राष्ट्रीय सचिव धीरज गुप्ता तेज, प्रेस क्लब के पूर्व सचिव हरिमोहन शर्मा, कोटा ब्यूरो के प्रबंधक एवं सम्पादक कय्यूम अली, मंगलवर्धनी के बद्री प्रसाद गौतम, चन्द्रप्रकाश चंदू, जार के जिलाध्यक्ष हरिबल्लभ मेघवाल, अनिल तिवारी, योगेश सेन, सुनील चावला आदि पत्रकारों ने अभिनंदन किया। इससे पूर्व सम्भागीय आयुक्त का माल्यार्पण कर स्वागत करने वालों व अंत में अभिनंदन करने वालों में वेव न्यूज़ चैनल न्यूज चक्र के एडिटर इन चीफ राजीव सक्सेना भी शामिल रहे।