कृषि का कुम्भ: मंत्री ने बताया-ये हैं जरूरी

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न्यूज चक्र @ कोटा

कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट कोटा-2017 का उद्देेेश्य किसानों को कृषि क्षेत्र में  नवाचार, तकनीक संबंधी जानकारी देकर उन्नत कृषि की ओर प्रेरित करना है, जिससे कृषक फसल की उत्पादकता को बढ़ाकर अधिक से अधिक लाभ अर्जित कर सकें।
सैनी बुधवार को ‘ग्राम कोटा-2017’ के तहत आरएसी ग्राउण्ड में आयोजित सेमिनार ‘‘एग्रीकल्चर एबन्डेन्स ऑफ कोटा स्ट्रेन्थ एंड प्रोस्पेक्ट्स’’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के विजन के अनुरूप प्रदेश में ग्राम कोटा में देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, प्रगतिशील कृषकों आदि के माध्यम से किसानों को कृषि, बागवानी, सिंचाई, बीजीय मसाला फसल, पशुपालन, कृषि उपकरणों, यंत्रों आदि के क्षेत्र में हुए नवाचार व तकनीक से परिचय कराया जा रहा है। कोटा संभाग समेत प्रदेश के किसान यहां से प्राप्त जानकारी को अपनाकर अपनी उपज का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
कृषि मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य किसानों को जागरूक कर प्रदेश को कृषि उत्पादन में राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी पंक्ति में लाना है, जिससे प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही उन्होंने बताया कि कोटा सम्भाग में कृषि के क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं। सम्भाग में सोयाबीन का 6 लाख मेट्रिक टन से ज्यादा उत्पादन होता है। इसकी प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, पैकेजिंग के क्षेत्र में यहां अपार सम्भावनाएं हैं।  इसी प्रकार सरसों के उत्पादन में राजस्थान पूरे देेेश में प्रथम स्थान पर है और 38 लाख मेट्रिक टन का उत्पादन हो रहा है।
सैनी ने सेमिनार में मौजूद कृषि वैज्ञानिकों से कहा कि वे रिसर्च, तकनीक व नवाचार के माध्यम से धनिया की फसल में लोंगिया रोग को समाप्त करने के लिए कार्य करें, क्योंकि इससे किसानों को काफी ज्यादा नुकसान होता है। उन्होंने बताया कि कोटा सम्भाग में इस वर्ष 1 लाख 36 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में लहसुन की बम्पर पैदावर हुई है। लहसुन की गुणवत्ता केे लिए बीज की गुणवत्ता पर कार्य करने की आवश्यकता है, क्योंकि लहसुन इसमें चीन से प्रतिस्पर्धा मिल रही है।
कृषि वैज्ञानिकों ने भी किया सम्बोधित
सेमिनार में विभिन्न फसलों के बारे में कृषि वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों ने उपस्थित कृषकों, उद्यमियों, बैंकर्स, छात्रों को सम्बोधित करते हुए अहम जानकारियां दीं। निदेशक इंडिया-एशिया सबकांटिनेन्ट  रतन के शर्मा ने सोयाबीन की उपयोगिता व प्रोडक्ट्स के बारे में प्रजेन्टेशन दिया। इसी क्रम में बंगे इंडिया के प्रबंध निदेशक चरक जैन ने सरसों की कृषि व उत्पादन सम्बन्धी जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एडी हुचे ने बागवानी फसल संतरे के उत्पादन में वृद्धि नवाचार सम्बन्धी परिचय कराया। जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. बलराज सिंह ने बीजीय मसाला फसलों के उत्पादन से लाभ व रोगों से बचाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। सेमिनार के चेयरपर्सन सब्जीवाला कम्पनी के सीईओ एवं सलाहकार फिक्की प्रवेेेश शर्मा ने अन्त में सभी का आभार प्रकट किया।