रोज इन्सुलिन इंजेक्शन लगाने की जरूरत नहीं रहेगी

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न्यूज चक्र @ कोटा

दिन में बार-बार इन्सुलिन के इंजेक्शन लगाने की समस्या से परेशान टाइप-1 डायबिटीज के शिकार बच्चों को आने वाले समय में इस परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। वैश्विक स्तर पर इस प्रकार का इन्सुलिन इंजेक्शन बनाने पर शोध चल रहा है । इसे सप्ताह में एक बार ही लगाना पड़ेगा। बाकी सातों दिन इससे शरीर में इंसुलिन अपने आप बनता रहे। कोटा आईं ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर की पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. लीजा अमेटो ने शुक्रवार को उम्मेद क्लब में पत्रकारों को यह जानकारी दी।

डॉ लीजा ने बताया कि यह इंजेक्शन एक बार स्किन पर लगेगा और सात दिन तक खुद ही इंसुलिन जनरेट करता रहेगा। अर्थात शरीर को जब भी जितनी जरूरत होगी, उतना इंसुलिन स्वत: ही मिलता रहेगा। डॉ. लीजा नेे यह भी बताया कि अब कृत्रिम पैंक्रियाज बनाकर उसमें एक पम्प लगा दिया गया है। इससे बार-बार इंसुलिन के इंजेक्शन लगाने से निजात मिल जाती है। उन्होंने कोटा में डायबेटिक बच्चों से मुलाकात करने के बाद कहा कि ऑस्ट्रेलिया में सरकारी स्तर पर ऐसे बच्चों के लिए इन्सुलिन के इंजेक्शन, ग्लूकोमीटर सहित सब कुछ फ्री मिलता है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (आईडीएफ) के लाइफ फॉर ए चाइल्ड प्रोजेक्ट के तहत कोटा आईं डॉ. लीजा ने प्रोजेक्ट के तहत यहां डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. जीडी रामचंदानी द्वारा संचालित सेन्टर का जायजा भी लिया। साथ ही यहां रजिस्टर्ड कुछ बच्चों से मिलने उनके घर भी गईं। डॉ. रामचंदानी ने बताया कि उनके सेन्टर मेें 110 डायबेटिक बच्चे रजिस्टर्ड हैं। उन्हें जरूरी दवाइयां प्रोजेक्ट के तहत फ्री मिलती हैं। डॉ. लीजा सेन्टर पर रजिस्टर्ड स्टेशन क्षेत्र की शाहिस्ता, कुन्हाड़ी की गायत्री, पाटनपोल के पुनीत, संजय नगर की शिल्पी विनायक और कैथून की फरहीन से मिलने उनके घर गईं । वहां उनके इलाज व अन्य आवश्यक जानकारियां लीं। डॉ लीजा ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में सरकार की ओर से गरीब-अमीर सभी वर्गों के डायबेटिक बच्चों का सरकार की ओर से समान तरीक से इलाज होता है।

ये रहेंगे आगामी कार्यक्रम
डॉ. लीजा 20 मई को सुबह कोटा के कुछ ऐसे अस्पतालों का दौरा करेंगी, जहां डायबिटीज का इलाज होता है। इसके बाद वे सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक उम्मेद क्लब में आयोजित किए जाने वाले शिविर में डायबिटीज टाइप-1 बच्चों व उनके पैरेंट्स से भी मिलेंगी। इस शिविर का उद्घाटन सीनियर फिजिशियन डॉ. केके पारीक व मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. गिरीश वर्मा करेंगे। दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक वे हैल्थ केयर वर्कर्स से मिलेंगी । रात साढे़ आठ बजे शहर के फिजिशियंस व शिशु रोग विशेषज्ञों की सीएमई में व्याख्यान देंगी।