आईआईटी: फाइनल ‘दंगल’ 21 को, सक्सेज के टिप्स और खास बातें

राज्य के 10 शहरों में होगी जेईई-एडवांस्ड परीक्षा,  इस वर्ष भी कोटा में परीक्षा केन्द्र नहीं, भीषण गर्मी में भी करीब 39 हजार कोचिंग विद्यार्थियों को दूसरे शहरों में जाना पड़ेगा परीक्षा देने

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अरविंद@ कोटा

21 मई को देश के 120 शहरों में 1 लाख 74 हजार परीक्षार्थी जेईई एडवांस्ड-2017 परीक्षा देंगे। सभी केन्द्रों पर पहला पेपर सुबह 9 से 12 बजे तथा दूसरा पेपर दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगा। इस फाइनल मुकाबले में जेईई मेन से 2.20 लाख विद्यार्थियों को क्वालिफाई घोषित किया गया था, लेकिन जेईई एडवांस्ड के लिए 1.74 लाख परीक्षार्थियों ने ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया। इसमें 33 हजार 50 (19 प्रतिशत​) गर्ल्स  शामिल हैैं। ऑनलाइन प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं।
आईआईटी, मद्रास की देखरेख हो रही इस ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा के लिए राजस्थान के 10 शहरों में परीक्षा केन्द्र घोषित किए गए हैं। आईआईटी,मुबई जोन के अधीन जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर, भीलवाड़ा, पाली, टोंक तथा आईआईटी,दिल्ली जोन के अधीन सीकर, उदयपुर व अलवर शहरों में निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर ये परीक्षा होगी​।
कोटा के सभी कोचिंग संस्थानों से इस वर्ष जेईई-मेन में लगभग करीब 39 हजार विद्यार्थी जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई हुए हैं। लेकिन आईआईटी बोर्ड ने इस वर्ष भी एजुकेशन हब कोटा में परीक्षा केन्द्र घोषित नहीं किया। इससे विद्यार्थियों​ एवं अभिभावकों में आक्रोश है। इनका कहना है कि 45 से 46 डिग्री तापमान में विद्यार्थियों को एक दिन पहले ही बस, ट्रेनों या टैक्सियों से परीक्षा केन्द्र वाले शहरों में जाना पड़ेगा। गर्मी के कारण उन्हें मानसिक, शारीरिक व आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि कोटा में अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं जेईई-मेन, नीट, कैट, क्लेट, सीपीटी, नेट, सीएस, बैंक कॉमन एग्जाम आदि के परीक्षा केन्द्र  हैं।

आईआईटी में इस वर्ष 528 सीटें बढ़ीं

2 अप्रैल को जेईई मेन ऑफलाइन तथा 9 व 10 अप्रैल को ऑनलाइन परीक्षा में देश के 10 लाख 20 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 4 मई तक पंजीकृत हुए 1.74 लाख विद्यार्थी 23 आईआईटी की 11 हजार 100 सीटों पर एडमिशन​ के लिए जेईई एडवांस्ड परीक्षा देंगे। गत वर्ष आईआईटी में 10 हजार 575 सीटें थीं।  इस वर्ष 528 सीटें बढ़ाई गई हैं। खास बात यह कि जेईई मेन में सामान्य वर्ग में न्यूनतम 81, ओबीसी में 49, एससी में 32, एसटी में 27 तथा दिव्यांग वर्ग में 1 अंक लाने वाले विद्यार्थी जेईई एडवांस्ड देंगे। जेईई मेन में 360 में से 360 अंक पाने वाले रेजोनेंस के क्लास रूम छात्र ऑल इंडिया टॉपर कल्पित वीरवाल भी एडवांस्ड में  टॉप रैंक के लिए मुकाबला करेंगे।

  • फाइनल टिप्स –
  • अंतिम 7 दिन में ऐसे तय करें जीत की मिस्ट्रीे

    -दो राउंड में करें जेईई एडवांस्ड का पेपर
    आईआईटी में दाखिले के लिए सबसे कठिन परीक्षा जेईई एडवांस्ड परीक्षा सामने है, इसलिए सभी परीक्षार्थियों के लिए अंतिम 7 दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों ने जिस जोश व उत्साह के साथ पूरे वर्ष तैयारी की है, उस आत्म विश्वास को पेपर देने तक बनाए रखें। 21 मई को पेपर देने जाते समय ध्यान रहे कि हम जेईई एडवांस्ड का पेपर देने जा रहे हैं, किसी ओर बात पर ध्यान न जाए।  नेशनल एक्सपर्ट विशाल जोशी, निदेशक, न्यूक्लियस एजुकेशन व नरेेन्द्र अवस्थी, निदेशक, वायब्रेंट​ एकेडमी के अनुसार आपका हर कदम इस तरह सफलता की ओर बढ़ाएं-
    1. अंतिम 6-7 दिनों में तनावमुक्त होकर 8 घंटे नींद अवश्य लें। रिलेक्स रहने का प्रयास करें।
    2. तेज गर्मी होने से इस समय ताजा फल, जूस, छाछ, लस्सी या ठंडे तरल पेय पदार्थ लें।
    3.अपने बायोलॉजिकल सिस्टम को नहीं बदलें। रात में सोने का समय अंतिम दिनों में नहीं बदलें। देर रात तक पढ़ने की आदत हो या सुबह जल्दी उठकर पढ़ते  हो, उसे फॉलो करें।
    4. बचे हुए दिनों में तीनों सब्जेक्ट में कोई नया चेप्टर नहीं देखें। एक्स्ट्रा नहीं पढ़ें। केवल जेईई-एडवांस्ड के पुराने पेपर सॉल्व करते रहें, जिससे किसी भी चेप्टर के वैटेज का पता चल जाए। आत्म विश्वास के साथ पेपर देने का फ्लेवर मन में बना रहे।
    5. दिमाग को हमेशा कंसेप्चुअल रखें, प्रतिवर्ष आईआईटी द्वारा पेपर पैटर्न में मामूली बदलाव किए जाते हैं। अपनी तैयारी पर पूरा भरोसा रखें।
    6. पेपर हल करते समय उसे 2 राउंड में सॉल्व करें। पहले राउंड में ऐसे आसान क्वेश्चन चुनें, जिनमें समय बच सकता है। दूसरे राउंड में थोड़े कठिन सवालों को लें, पहले राउंड के बचे हुए समय को इनमें लगाएं। इससे टाइम मैनेजमेंट सही रहेगा।
    7. पेपर-1 तथा पेपर-2 दोनों समान महत्व रखते हैं। पेपर-1 देने के बाद क्वेश्चन या मार्क्स की तुलना न करें। 12 से 2 बजे के बीच कूल माइंड से केवल पेपर-2 के बारे में सोचें। दोनों पेपर में आसान, एवरेज व कठिन प्रश्नों का मिश्रण होता है, इसलिए इसमें समय न गवाएं।
    8. पुराने जेईई-एडवांस्ड पेपर की प्रेक्टिस करते समय फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स तीनों में जिस सीक्वेंस से प्रश्न हल किए, मेन पेपर को अटैम्प्ट करते समय सीक्वेंस को बदले नहीं।
    9. पेपर में स्कोर के लिए निगेटिव मार्किंग महत्व रखती है, इसलिए किसी कठिन प्रश्न में 2 अंक माइनस होने का संशय हो तो उसे छोड़ना बेहतर है।
    10. याद रहे, आपने जेईई-एडवांस्ड के पेपर में 60 से 70 प्रतिशत प्रश्न आत्म विश्वास के साथ हल किए हैं, तो आप सुरक्षित जोन में रहेंगे।