डॉक्टर का पर्चा या जांच रिपोर्ट गुम होने का डर खत्म

कोटा के भीमगंजमंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डिजिटल हेल्थकेअर इकोसिस्टम 'मेडकॉड्र्स का शुभारम्भ, डिजिटल एप से सुरक्षित रहेेेगा मरीजों का रिकॉर्ड, क्षेत्र के करीब डेढ़ लाख मरीजों को मिलेगा लाभ, प्रेस्क्रिपशन व जांच रिपोर्ट मोबाइल पर उपलब्ध रहने से रोगियों को मिल सकेगा देश-विदेश के विशेषज्ञों से परामर्श

0
792

अरविंद @ कोटा

शहर की भीमगंजमंडी सरकारी डिस्पेंसरी में विधायक प्रहलाद गुंजल ने डिजिटल हेल्थकेयर इकोसिस्टम ‘मेडकॉर्ड्स का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि शहर के दो आईटी ग्रेजुएट्स श्रेयांस मेहता व निखिल बाहेती द्वारा छोटे से स्वास्थ्य केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया कंसेप्ट की शुरुआत महत्वाकांक्षी कदम है। निचले स्तर पर छोटी शुरुआत हमेशा अच्छे परिणाम देती है।
इस क्षेत्र व आसपास के डेढ़ लाख से अधिक मरीजों का रिकॉर्ड क्लिक पर सेव रहने से उन्हें आसानी से सुरक्षित इलाज मिल सकेगा।

गुंजल ने आगे कहा कि एक बार डॉक्टर को दिखाने के बाद अागामी दस वर्ष तक उनका डाटा सुरक्षित रहेगा। इसे वे खुद मोबाइल से कहीं भी उपयोग कर सकते हैं। राज्य में वर्ष 2003 में भाजपा सरकार ने 8.50 लाख कर्मचारियों को कम्प्यूटर कोर्स करवाकर इंटरनेट से जोड़ा था। आज ई-गवर्नेन्स से सार्वजनिक व सरकारी क्षेत्र में पारदर्शिता व शुचिता आ रही है। इस नवाचार ने दुनिया के दस शीर्ष नवाचार में शामिल होकर देश व राज्य का गौरव बढ़ाया।
महापौर महेश विजय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि शहर के दो युवाओं ने ऊंचे पैकेज का लालच छोड़कर नया प्रयोग कर दिखाया। इससे डॉक्टर्स को आसानी से मरीजों की केस हिस्ट्री मिल जाएगी। यह प्रयोग शहर की सभी सरकारी डिस्पेंसरियों में लागू होना चाहिए। एलन के निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने कहा कि मेडकॉर्ड्स से डॉक्टर्स को माइंड, टाइम और एनर्जी में राहत मिलने से मरीजों का डायग्नोसिस समय पर हो सकेगा। किसी गम्भीर रोगी के इलाज में कुछ सैकंड भी महत्वपूर्ण होते हैं, इस एप से समय बचेगा।
डॉक्टर्स केपिटल अक्षरों में लिखें दवाएं
सीएमएचओ डॉ.अनिल कौशिक ने कहा कि मोबाइल पर एक कोड से रोगी का सारा पुराना रिकॉर्ड डॉक्टर्स देख सकेंगे। मरीज को जांच रिपोर्ट या पर्चे गुम हो जाने की चिंता नहीं रहेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि पर्चे पर सभी डॉक्टर्स केपिटल अक्षरों में दवाइयां लिखना प्रारंभ कर दें , जिससे सही दवा का पता चल सके। सरकारी डिस्पेंसरी में पहचान के लिए हर मरीज पर टेग भी हो। सीईओ श्रेयांस मेहता ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर 7816811111 पर रोगी अन्य जानकारी ले सकते हैं।
नए वार्ड के लिए विधायक कोष से देंगे 15 लाख
भाजपा नेता हनुमान शर्मा ने कहा कि डिस्पेंसरी को 30 बेड का अस्पताल घोषित किया गया, यह कमी दूर करनी होगी। इसके पीछे यूआईटी की भूमि मिलने पर एक नए वार्ड का निर्माण हो सकता है। इस पर विधायक गुंजल ने घोषणा की कि वे विधायक कोष से भीमगंजमंडी सरकारी डिस्पेंसरी में एक नए वार्ड का निर्माण जल्द करवाएंगे। पंजाबी समाज की भूमि लेकर उन्हें दूसरा भूखंड दिलाने का प्रयास करेंगे। वे विधायक कोष से 15 से 20 लाख रुपए देंगे, बाकी राशि  जनसहयोग से एकत्रित की जाएगी। इस मौके पर वार्ड पार्षद बृजेश शर्मा नीटू, रमेश चौबे, सत्यभानसिंह, पं.भरतलाल, रेजोनेंस के वाइस प्रेसीडेंट मनोज शर्मा आदि गणमान्य लोग मौजूद थे। 30 जुलाई को श्रीराम मंदिर, स्टेशन की जांच लैब को भी इस एप से डिजिटलाइज किया जाएगा। अंत में अस्पताल प्रभारी डॉ. सुभाष मेहता ने सभी का आभार जताया।

मेडकॉर्ड्स के सीईओ श्रेयांस मेहता तथा निखिल बाहेती ने कहा कि 3 वर्ष पूर्व यहां मरीजों की भीड़ देख यह आइडिया मिला। मित्र सायदा धनावथ व मुदित जैन के साथ निरंतर अनुसंधान कर नया एप बनाया। इस माह अमेरिका के न्यू अर्लिंयंस में हुई ‘फास्टेस्ट ग्रोइंग टीच कॉन्फ्रेंस में दवाओं के प्रेसक्रिप्शन तथा  रिकॉर्ड रखने वाले इस तकनीक को दुनिया के टॉप-10 स्टार्टअप में शामिल किया। यूएसए की क्रिस सागा तथा एंट्री केपिटल जैसी प्रमुख कम्पनियों ने इसमें निवेश करने में रूचि दिखाई। वे अगले 5 वर्ष में इसे 5 करोड़ रोगियों तक पहुंचाना चाहते हैं।
डॉक्टर -मरीज दोनों के लिए फायदेमंद
डिजिटल तकनीक से जुड़ने वाली देश की यह प्रथम सरकारी डिस्पेंसरी है। कल हमनें 5 रोगियों पर इसका परीक्षण किया। रोगी अनिल व किरण के पर्चे व एक्सरे रिपोर्ट को अगले दिन मोबाइल पर देख लिया। पुरानी जांच रिपोर्ट मिलने से बीमारी का जल्द व सही इलाज हो मेडकॉर्ड्स हैल्थकेयर सिस्टम डॉक्टर व मरीज के बीच सेतु का काम करेगा।
– डॉ. सुधीर उपाध्याय, फिजिशियन, भीमगंजमंडी सीएचसी