‘आप’ की नौटंकी देश के साथ छल, बहुत बड़ा अपराध, सजा जरूर मिले

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    वास्तव में आप में है बहुत दम।नकली ईवीएम के सहारे मचा दी देशभर में सनसनी….। सिद्ध हो गया ‘आप’ ने शुरू से अभी तक जो भी आरोप लगाकर तथा बड़े-बड़े वायदे कर देश में जितनी भी सनसनी फैलानी की कोशिश की, उन सबके आधार, तर्क भी इसी प्रकार नकली, झूंठे थे। इतनी गैरजिम्मेदार और नौटंकीबाज राजनीतिक पार्टी तो देश के लिए बहुत घातक है। आगे भी यह निजी स्वार्थ के लिए कुछ भी बड़े आरोप लगा सकती है। चाहे वो राष्ट्र सुरक्षा या साम्प्रदायिक सौहार्द से ही जुड़े क्यों न हों। ‘आप’ ने दिल्ली विधानसभा में ईवीएम के नाम पर जो भद्दा प्रदर्शन किया, उस पर सीएम केजरीवाल व डिप्टी सीएम सिसोदिया सहित सभी आप नेता जिस प्रकार मसखरेपन से हंसते और तालियां बजाते दिखे, उससे महान दार्शनिक अरस्तू की सदियों पहले की गई टिप्पणी सही साबित हो रही है-मूर्ख तंत्र, भीड़ तंत्र। यह नौटंकी बेहद गैरजिम्मेदाराना तरीके से देश की चुनाव व्यवस्था ही नहीं, चुनाव आयोग ही नहीं …. देश की व्यवस्था को ही सीधी चुनौती है। ऐसी हरकत से देश की प्रतिष्ठा को विश्वभर में ठेस लगी है। इसलिए चुनाव आयोग को तुरंत ‘आप’ की मान्यता खत्म कर देनी चाहिए। राष्ट्रपति को चाहिए कि दिल्ली सरकार को तुरंत बर्खास्त करें ।

    सवाल यह भी उठता है कि भारत का चुनाव आयोग जब चुनौती दे रहा था कि कोई भी आए और ईवीएम में गड़बड़ी साबित करे, तब कहां सो रहे थे ‘आप’ के ये टेक्निकल एक्सपर्ट? क्या किसी चुनी हुई सरकार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का अधिकार इतने हलकेपन, निम्नता को प्रदर्शित करने के लिए होना चाहिए? क्या मतदाताओं ने इसीलिए इस सरकार को चुना था?  केजरीवाल खुद भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोपों से घिरे हुए हैं । उन पर तो उन्होंने अपनी आदत के विपरीत पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। मगर इनसे देशवासियों और मीडिया का ध्यान हटाने के लिए देश को शर्मसार करने से भी नहीं चूके। केजरीवाल अगर ईवीएम से सम्बन्धित इतना बड़ा झूंठ प्रेस कॉन्फ्रेन्स में बोलते तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो सकता था। तो विधानसभा में देशविरोधी कृत्य करने का कवच क्यों मिल जाना चाहिए।

                                                    newschakra.in

                                                          -जय सक्सेना