मिसाल: जयपुर के डॉक्टर ने कहा- पैर काटना पड़ेगा, कोटा के डॉक्टर ने नि:शुल्क 17 ऑपरेशन कर बचा लिया

    सात नर्सिंगकर्मियों ने भी की बेमिसाल मदद

    0
    3371
    Dolat Ram trying to walk

    अरविंद @ कोटा

    करीब चार वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में एक पैर गंवा देने वाले ड्राइवर दौलतराम का दूसरा पैर भी इतनी बुरी तरह से जख्मी था कि जयपुर के  डॉक्टर्स ने उसे भी काटे जाने की स्थिति बताई । वापस कोटा लौटे दौलतराम के इस क्रिटिकल केस को यही के एक डॉक्टर ने सम्भाला और कोशिश शुरू की। आखिर उनका यह प्रयास रंग लाया। अब दौलतराम खुद चल सकने की स्थिति में आ गया है।

    बुरी तरह जख्मी दौलतराम को पहले कोटा के एमबीएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बाद में उसकी गम्भीर हालत को देखते हुए उसे एसएमएस अस्पताल, जयपुर रैफर कर दिया गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टर्स के द्वारा उसका दूसरा पैर भी काटे जाने की सलाह देने से हताश परिजन उसे वापस कोटा ले आए।  यहां मेडिकल कॉलेज, कोटा के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश गोयल के समक्ष यह केस आया। उन्होंने भी मामला काफी गम्भीर बताया। मगर और कोई रास्ता न देख दौलतराम के उस पैर का इलाज करना शुरू किया, वो भी नि: शुल्क। । इतना ही नहीं नर्सिगकर्मी  शशिकांत​,  स्नेहलता आदि सात साथियों ने अपना एक माह का वेतन तथा समय-समय पर हुए ऑपरेशन में 20 यूनिट रक्त देकर दौलतराम की मदद की। इतने अथक प्रयास और मदद के चलते काटे जाने की स्थिति में पहुंच चुका पैर भी अब ठीक हो चुका है। दो दिन पूर्व  एमबीएस हॉस्पिटल में ही महावीर विकलांग समिति की अध्यक्ष प्रसन्ना भंडारी ने दौलतराम को एक कृत्रिम पैर भी  प्रदान किया। विकलांग समिति में सेवाएं दे रहे देवकीनंदन अब उसे रोज चलाने का अभ्यास कराते हैं। हालांकि वे खुद दोनों हाथों से अपाहिज हैैं, मगर पैर से लिख लेते हैं। दौलत ने कहा कि वह तो एक्सीडेंट के बाद अपने दम पर खड़ा होने की उम्मीद ही छोड़ चुका था, लेकिन डॉ.गोयल ने उसका हौसला बढ़ाते हुए निरंतर इलाज जारी रख आज इस स्थिति में ला दिया।

     डेरा सच्चा सौदा सहित अन्य लोगों की भी मिल रही मदद

    दूसरी ओर रोजगार नहीं होने से गरीबी से जूझ रहा दौलतराम बेघर होकर एक खाली पड़े मकान में रहने लगा। उसकी पत्नी सावित्री ने बताया कि उनकी यह हालत देख डेरा सच्चा सौदा की टीम चार साल से प्रत्येक माह राशन सामग्री देकर मदद कर रही है। अरनेठा, केशवरायपाटन के सरकारी शिक्षक रोहित मोदी व पत्थर व्यवसायी अशोक जैन सहित कई अन्य लोग भी  विभिन्न​  तरीकों से मदद कर रहे हैैं ।