भारत का पाक को तुरंत करारा जवाब, पुंछ हमले में शामिल दो पोस्ट तबाह, कई सैनिक मारे

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न्यूज चक्र @ नई दिल्ली

जम्मू-कश्मीर में  पुंछ की कृष्णा घाटी में भारतीय जवानों के शवों के साथ हुई बर्बरता का सेना ने सोमवार को ही कुछ घंटों बाद रात गहराते जाने के साथ तुरंत मुंहतोड़ जवाब दे दिया। खबरों के मुताबिक भारतीय सेना ने  हमले में शामिल व कवर देने वाली पाक की दो पोस्टों को तबाह कर दिया है। इस कार्रवाई में 6-7 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की भी जानकारी आ रही है।

इससे पहले सुबह पाकिस्तान की ओर से हुए बेवजह हमले में भारत के दो जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद पाक की बॉर्डर एक्शन टीम यानी BAT ने जवानों के शव के साथ बर्बरता भी की थी।  बैट की टीम एलओसी से 200 मीटर अंदर आकर इस कायराना हरकत को अंजाम दिया। बैट की टीम ने छुपकर हमला किया और भाग गई।

पुंछ में पाकिस्तान की इस कार्रवाई में शहीद होने वाले जवानों में सेना के जेसीओ नायब सूबेदार परमजीत सिंह व बीएसएफ के हेड कांस्टेबल प्रेम सागर शामिल हैं ।इस हमले के बाद इलाके की चौकसी बढ़ा दी गई है।

मुंहतोड़ जवाब की चेतावनी दी थी

इस अमानवीय घटना के बाद तुरंत बाद रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कड़़ी निंदा करते हुए अरुण जेटली ने कहा था, ”हमारे पड़ोसियों ने कृष्णा घाटी में हमारे दो जवानों को मारकर उनके शव के साथ बर्बरता की है। यह एक अमानवीय घटना है, ऐसी घटनाएं युद्ध के दौरान भी नहीं होती हैं, शांति के दौरान तो निश्चित ही नहीं होती हैं। पूरे देश को सेना पर भरोसा है, भारत हमले का करारा जवाब देगा। शहीदों की शहादत बेकार नहीं जाएगी।”

पाकिस्तान ने अपनी करतूत को नकारा
पाकिस्तान ने अपनी कायराना हरकत को नकााा दिया था। भारत की चेतावनी के बाद पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ”पाक सेना ने किसी भी तरह सीज फायर का उल्लंघन नहीं किया। जवानों के साथ बर्बरता का आरोप गलत है। पाकिस्तान की सेना प्रोफेशनल है। जवान के साथ असम्मानजनक हरकत नहीं करती है।”

पहली बार नहीं है BAT की ये कायराना करतूत
पाकिस्तान की आतंकियों जैसी क्रूर बैट टीम ने पहली बार भारतीय जवानों के शव के साथ बर्बरता की हो ऐसा नहीं है। साल 1999 में पाक सेना ने करगिल युद्ध के दौरान शहीद कैप्टन के शव के साथ भी बर्बरता की थी। फरवरी 2000 में मराठा रेजिमेंट के जवान भाव साहेब मारुति कालेकर के शव के साथ पाकिस्तान सैनिकों ने बर्बरता की।

इसके बाद साल 2008 में गोरखा रेजिमेंट का एक जवान रास्ता भटक कर एलओसी के पार पहुंच गया था। पाकिस्तानी सेना ने ना सिर्फ उसे प्रताड़ित किया, बल्कि उसके शव के साथ भी बर्बरता भी की। साल 2013 को तो भुलाया नहीं जा सकता, जब ये कायर बैट कमांडो शहीद हेमराज का सिर काटकर अपने साथ ले गए थे।साल 2016 में भी इसी तरह की दो घटनाएं हुईं थी।