मंत्री ने दिया लिखित आश्वासन- कोटा थर्मल का निजीकरण नहीं होगा

कोटा थर्मल बचाओ संघर्ष समिति के आंदोलन को मिली जीत, कोटा शहरवासियों के लिए ही नहीं हाड़ौतीभर के लिए बड़ी खुशी

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सरकार की ओर से यह मिला लिखित आश्वासन

न्यूज चक्र @ कोटा/जयपुर

कोटा थर्मल बचाओ संघर्ष समिति के करीब दो माह से जारी आन्दोलन की सोमवार को आखिर जीत हो गई। समिति की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। कोटा थर्मल पावर प्रोजेक्ट को निजीकरण की आशंका से बचाने  के लिए समिति यह आन्दोलन कर रही थी।

बयान में कहा गया है कि संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की विधान सभा भवन, जयपुर में ऊर्जा राज्य मन्त्री पुष्पेन्द्र सिंह राणावत से कोटा थर्मल के निजीकरण व बन्द चल रहीं चार यूनिटों के  सम्बन्ध में वार्ता हुई । इसमें  राज्य विद्युुत उत्पादन निगम के सीएमडी एनके कोठारी, निदेशक (ऊर्जा) एसएस मीणा  सहित कोटा उत्तर विधायक प्रहलाद गुंजल भी मौजूद थे। वार्ता में मंत्री   सिंह ने संघर्ष समिति को आश्वस्त किया कि न तो कोटा थर्मल के निजीकरण और ना ही इसकी किसी यूनिट को बन्द करने का सरकार का कोई इरादा है। समिति के पदाधिकारियों की इस पर  लिखित आश्वासन की मांग पर सिंह ने सीएमडी कोठारी को यह लिखित पत्र देने का आदेश दिया। इस पर कोठारी ने संघर्ष समिति को इस आश्वासन का लिखित पत्र सौंप दिया ।

वार्ता में संघर्ष समिति की ओर से संयोजक रामसिंह शेखावत, सह संयोजक शिवपाल चौधरी, आज़ाद शेरवानी, चन्द्रशेखर चौधरी व राकेश डगोरिया सहित समिति सदस्य ओम प्रकाश जांगिड़, डीपी मिश्रा, कैलाश कछवाहा, देवेन्द्र विजय व अशोक जैन मौजूद थे l

सफलता पर सभी का जताया आभार

कोटा थर्मल बचाओ संघर्ष समिति ने अपनी कोटा थर्मल बचाओ मुहिम की जीत पर थर्मल के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, ठेकेदारों, ठेका श्रमिकों व विभिन्न श्रम संगठनों के पदाधिकारियों सहित कोटा शहर के नागरिकों, समाज सेवियों व  मीडिया कर्मियों का आभार जताया है। समिति का कहना है कि इन सभी के सामूहिक सहयोग से यह मुहिम कामयाब हो पाई है l