सीएम को ज्ञापन भेज एचएमएस ने किया थर्मल के निजीकरण का विरोध

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न्यूज चक्र @  कोटा

कोटा थर्मल को निजीकरण से बचाने के लिए हिन्द मजदूर सभा ने  बुधवार को मुख्यमन्त्री को ज्ञापन भेज इस योजना का विरोध किया है l

संगठन के प्रदेश महासचिव कामरेड मुकेश गालव और प्रदेश सचिव आज़ाद शेरवानी ने इस ज्ञापन में कहा है कि  थर्मल कोटा शहर की अनमोल धरोहर व कोटा की पहचान है । इस धरोहर को सरकार छीनने पर आमादा है । वो सिर्फ अपना अहम और फ़ायदा देख रही है । मजदूरों के हितों के बारे में वो नहीं सोच रही है। थर्मल का निजीकरण कर दिया गया तो न जाने कितने परिवार उजड़ जाएंगे। कोटा थर्मल ने उत्पादन क्षेत्र में सदा अवार्ड जीते हैं । लाभ में काम किया है। यहां काम करने वाले अधिकारी- कर्मचारी, ठेकेदार, ठेका श्रमिक सभी एक परिवार के रूप में संयुक्त रूप से कार्य करते आए हैं । तभी ये सम्भव हो सका है । इसके बावजूद भी सरकार ने प्लांट को जानबूझकर घाटे में दिखाने व इस बहाने से इसका निजीकरण करने या बंद कर देने के षड़यंत्र के तहत चार इकाईयों को काफी समय पूर्व बंद कर दिया गया था। जबकि ये इकाईयां चालू हालत में हैं ।
इसी के साथ थर्मल प्रशासन ठेका श्रमिकों को कम करने का भी प्रयास कर रहा है। जबकि इस प्लांट में ये ठेका श्रमिक संचालन व संधारण जैसे नियमित प्रकृति के कार्य वर्षों से कर रहे हैं । कई श्रमिको को तो यहां काम करते हुए 15 से 20 साल हो गए  हैं । इन मजदूरों ने वफादारी व मेहनत से सदा बिजली उत्पादन बढ़ाने में सहयोग किया है। पूरा जीवन इस उद्योग को दिया है। अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर यदि इन्हें बेरोजगार कर दिया गया तो ये कहां जाएंगे।  इनका पूरा परिवार थर्मल पर ही  आश्रित है । ये  हज़ारों परिवार भूखे मर जाएंगे । ज्ञापन में आगे कहा गया है कि सरकार का कर्तव्य प्रजा को रोजगार देना होता है,  ना  कि चलते हुए उद्योग बंद कर उन्हे बेरोजगार कर देना ।

उद्योग नगरी कहलाने वाले कोटा से पहले ही गोपाल मिल, जेके , सेमकोर, आईएल जैसे उद्योग छीने जा चुके हैं । यदि थर्मल भी सरकार की हठधर्मिता की भेंट चढ़ गया तो कोटा में रोजगार का कोई बड़ा माध्यम नहीं बचेगा। इसलिए हम कोटा थर्मल को यहां से नहीं छीनने देंगे, इसके लिए चाहे जितना बड़ा आ आंदोलन करना पड़े।  संघर्ष समिति के आंदोलन में हिन्द मजदूर सभा  राजस्थान से सम्बद्ध सभी यूनियनें हर सम्भव सहयोग करेंगी l