श्री बड़ां धाम बालाजी में 9 पदयात्राओं का हुआ संगम

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अरविंद @ बारां/कोटा
श्री हनुमान जयंती के अवसर पर मंगलवार को जिलेभर में जगह-जगह विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें दिनभर श्रद्घालुओं का भारी सैलाब उमड़ता रहा। इसी के साथ पदया​त्राएं भी निकाली गईं। इनमें शामिल श्रद्घालु रामभक्त हनुमान की भक्ति में झूमते हुए जयकारे लगाते रहे। इसके चलते हर तरफ अपूर्व धार्मिक उल्लास छाया रहा। इसी क्रम में बड़ के बालाजी, प्रताप चौक व बारां से भी भारी संख्या में पदयात्री बजरंगबली के भजनों पर झूमते हुए जयकारों के साथ श्री बड़ां धाम बालाजी के लिए रवाना हुए।
राज्य के पूर्व मंत्री एवं समाज सेवी प्रमोद जैन भाया एवं श्रीमती उर्मिला भाया ने बताया कि बड़ां में 600 वर्ष पुराना श्री बड़ां बालाजी मंदिर लोगों की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। श्री बड़ां बालाजी जनकल्याण समिति द्बारा मंदिर में संगीतमय सुंदरकांड एवं विशाल महाआरती की गई।
श्री बड़ां बालाजी धाम की प्रथम पदयात्रा में सैकड़ों श्रद्घालु भक्ति की धुनों पर नाचते-गाते, जयघोष के साथ बालाजी महाराज की ध्वज पताकाएं हाथ में लिए प्रताप चौक, धर्मादा चौराहा, गोपाल कॉलोनी, समसपुर व खेड़ली होते हुए रात को श्री बड़ां बालाजी धाम पहुंचे। बारां में पदयात्रा मार्ग को दर्जनों स्वागत द्वारों से सजाया गया था। इस अवसर पर बारां, मांगरोल, बोहत, अंता, कोयला, सीमली, आंकेडी, बोरेडी व मियाड़ा से हजारों श्रद्घालु जयकारे लगाते हुए पदयात्रा के रूप में श्री बड़ां बालाजी धाम पहुंचे। मंदिर समिति के सदस्यों व बड़ां के ग्रामीणों ने 9 स्थानों से आए पदयात्रियों का तिलक-अक्षत एवं माल्यार्पण से भव्य स्वागत किया।

अनुष्ठान करवाने के लिए अन्य जिलों से भी आए पंडित
मंगलवार को बड़ां बालाजीधाम पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान हुए। श्री बड़ां बालाजी जनकल्याण समिति के अध्यक्ष हंसराज मीणा ने बताया कि आचार्य लक्ष्मीनारायण (बूंदी), आचार्य बृजराज शास्त्री ( टारडा), आचार्य हेमराज शर्मा (बड़ां) व आचार्य सुनील के सानिध्य में यहां 51 ब्राह्मणों ने विशेष पूजा-अर्चना के साथ बाल्मीकि सुंदरकांड का पाठ भी किया। अभिषेक-अनुष्ठान में मुख्य यजमान कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष सेवाभावी प्रमोद जैन भाया-श्रीमती उर्मिला भाया रहे।

ढूंडाड़ शैली में बना भव्य मंदिर

मंदिर समिति के अध्यक्ष हंसराज मीणा व महामंत्री द्वारिका सेन ने बताया कि एक दशक पूर्व यहां जीर्ण-शीर्ण बावड़ी के पास बालाजी की दिव्य प्रतिमा थी। गौसेवक संत पूज्य पं.कमल किशोर नागरजी ने यहां श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ किया। उस समय पूर्व सार्वजनिक निर्माण मंत्री प्रमोद जैन भाया ने  जनकल्याण समिति गठित कर ऐतिहासिक मंदिर के जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया। 3 वर्ष तक सैकड़ों भक्तों ने जीर्णोद्धार कार्य में सेवाएं दीं। गुजरात के आर्किटेक्ट ने इसकी परियोजना बनाई। ढूंडाड़ शैली में नवनिर्मित दिव्य बालाजी मंदिर जिले में आध्यात्मिक टूरिज्म का प्रमुख केन्द्र है, जहां प्रतिवर्ष दूर-दूर से हजारों श्रद्घालु बाहर से आते हैं। चारदीवारी व मुख्य द्वार को हेरिटेज लुक दिया गया था।
दर्शनीय स्थलों से भी बढ़ रहा धार्मिक टूरिज्म
बड़ा धाम बालाजी को तीर्थस्थल बनाने के लिए परिसर को चार भागों में विकसित किया गया है। इसमें पहला, श्री बालाजी का गर्भगृह मंदिर है। दूसरा, 70 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में फैला खूबसूरत गार्डन है।  इसमें कर्नाटक से 1 हजार विशेष किस्म के पौधे लगाए गए हैं। अलग हरितिमा पट्टी विकसित की गई है। तीसरे भाग में 3 विशाल भोजनाालाएं हैं। इनमें एक साथ हजारों श्रद्घालु प्रसादी ले सकते हैं। चौथा भाग बाहर से आने वाले भक्तों के लिए विश्रामगृह का है। मंदिर के एक ओर बावड़ी का पुनर्निर्माण कर इसके आगे एक यज्ञशाला बनाई गई है। यहां राम दरबार व शिव मंदिर भी हैं। मंदिर परिसर में प्रार्थना स्थल, रामायण पाठ स्थल व साधना स्थल बनाए गए हैं। यहां के बगीचे में सिंचाई के लिए वाटर फॉल सिस्टम है। इसमें 4 छतरियों पर पानी की बूंदें मयूर नृत्य की सी छटा बिखेरती हैं। चिल्ड्रन पार्क में आस्ट्रेलियन केलन घास पर झूले-चकरी लगे हैं। 500 से अधिक वाहन क्षमता का पर्किंग जोन है। मंदिर में रेन वाटर सिस्टम लगाकर इसे जल व पर्यावरण संरक्षण का मॉडल बनाया गया है।
सेवा प्रकल्पों में बारां सबसे आगे, बना था इतिहास
श्री पाश् र्वनाथ मानव सेवा चेरिटेबल ट्रस्ट, बारां की चेयरमैन श्रीमती उर्मिला जैन ने बताया कि राज्य में पहली बार यहां विराट सर्वधर्म नि:शुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें देशभर के प्रमुख संतों ने गरीब वर्ग के हजारों जोड़ों को आशीर्वचन दिए। 250 बीघा भूमि पर विभिन्न राज्यों के 903 जोड़ों का विवाह व 121 जोड़ों का निकाह हुआ था। 2 लाख से अधिक नागरिक ‘वसुधैव कुटुम्बकम के इस जनसमारोह में शामिल हुए थे।
गरीब लोगों के लिए समर्पित प्रमुख समाजसेवी प्रमोद    जैन भाया व उर्मिला जैन ने बारां जिले में गौसेवा, संरक्षण को महत्व देते हुए 5 गौशालाएं खोलने व संचालन करने का संकल्प लिया। इसमें से 4 श्री कृष्ण गौाालाएं बड़ां, जालेड़ा, मामोनी के पास देवरी उपरेटी गांव व बोरड़ी शनिधाम में बन चुकी हैं। 5वीं गौशाला एचएच-76 पर नवनिर्मित जैन तीर्थ स्थल के साथ बनेगी। निर्धन किसानों को प्रतिवर्ष नि:शुल्क गायों के बछड़े दिए जाते हैं।