भाजपा सर्वोच्च शिखर पर, कांग्रेस रसातल में, देश शीघ्र होगा कांग्रेस मुक्त: राजावत

लाड़पुरा विधायक भवानीसिंह राजावत ने भाजपा के स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित किया

0
593
कोटा। भाजपा के स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित करते लाड़पुरा विधायक भवानीसिंह राजावत।

न्यूज चक्र @ कोटा
लाड़पुरा विधायक भवानी सिंह राजावत ने कहा कि आज जहां भारतीय जनता पार्टी बेहद विकट परिस्थितियों के बावजूद अपने नेताओं के संघर्ष के बल पर न केवल सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर है, बल्कि हिन्दुस्तान के आधे से ज्यादा राज्यों में सत्तासीन है। वहीं, जिस पार्टी का कभी देशभर में राज हुआ करता था, आज वो कांग्रेस रसातल में आ गई है। ऐसा ही चलता रहा तो मोदी के सपनों के अनुसार 2019 तक भारत पूरी तरह कांग्रेस मुक्त हो जाएगा। राजावत गुरुवार को एक होटल में भाजपा के छावनी मण्डल की ओर से आयोजित पार्टी के स्थापना दिवस को सम्बोधित कर रहे थे। यहां इस मौके को विजय उत्सव के रूप में मनाया गया।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि वैसे तो कर्नाटक और पंजाब दो बड़े राज्यों में कांग्रेस का राज है । पोण्डीचेरी जैसे छोटे राज्यों को मिलाकर वो केवल 7 राज्यों में सिमटकर रह गई है। देश के 8 बड़े राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और राजस्थान से लोकसभा में कुल 331 सांसद आते हैं, लेकिन कई राज्यों में कांग्रेस खाता तक नहीं खोल पाई। उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए चुनाव में कांग्रेस सपा की बैसाखियों पर खड़ी तो हो गई और उसके नेता राहुल गांधी ने 26 दिन की खाट यात्रा कर 40 रैलियां भी निकाली। 100 सीटों पर कांग्रेस ने उम्मीदवार भी उतारे, लेकिन 403 की सीटों में से केवल 7 सीटें ही मिलीं। यहीं नहीं राहुल गांधी के नेतृत्व में 5 साल में कांग्रेस 24 चुनाव हारी और 28 राज्यों में 24 प्रतिशत सीटों पर उसकी जमानत भी जब्त हो गई। अब तो ऐसा लगता है कि कांग्रेस की हालत झालावाड़ के खण्डहर गागरोन किले जैसी हो गई है , जिसकी कोई न कोई दीवार या स्तम्भ हर साल गिरता है। कांग्रेस के हाथों से इसी प्रकार कभी महाराष्ट्र जाता है, कभी हरियाणा तो कभी आसाम जाता है। यही हालत रही तो आने वाले समय में हिन्दुस्तान की धरती से कांग्रेस का नामो-निशान मिट जाएगा। नरेन्द्र मोदी के सपनों का ‘कांग्रेस मुक्त भारत बन जाएगा । वर्ष 2019 तक देश के हर प्रांत पर भाजपा का परचम फहराएगा।

इसी क्रम में राजावत ने कहा कि जनसंघ के जमाने में पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, भैरोसिंह शेखावत आदि के त्याग, तपस्या के बल पर 1951 से 1980 तक जनसंघ का दीपक जलता रहा। वाजपेयी जी के कुशल नेतृत्व में गठन के तुरंत बाद आए लोकसभा चुनावों में पार्टी को 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सहानुभूति की उमड़ी आंधी का मुकाबला करना पड़ा और लोकसभा में केवल 2 सीटें ही रह गईं। लेकिन इससे कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हिम्मत नहीं हारी। लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में अयोध्या में राम मंदिर को लेकर जब राम रथयात्रा निकली तो पूरे देश में जलजला खड़ा हो गया, पूरा देश राममय हो गया और पुन: लोकसभा में पार्टी का वर्चस्व कायम हो गया। इसके बाद वो दिन भी आया जब करोड़ों लोगों का सपना साकार कर पार्टी के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने लाल किले से तिरंगा फहराकर देश की हुकूमत संभाली । आज ईश्वर ने भाजपा को देवदूत के रूप में नरेन्द मोदी जैसा जननायक दिया है। पूरे देश की जनता का उन पर इतना भरोसा है कि हाल ही के उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड के चुनावों में जातिवाद, परिवारवाद की जंजीरों को तोड़कर 403 विधानसभा सीटों में से 325 सीटें मोदी की झोली में डाल दीं। इससे यह साबित कर दिया कि अब देश की राजनीति से जातिवाद, परिवारवाद की जड़ों में तेजाब डल चुका है। अब केवल वोट मिलेगा तो विकास के नाम पर ही मिलेगा। यही नहीं इन चुनावों में मुस्लिम वर्ग के लोगों ने भी भाजपा के पक्ष में मतदान कर पूरे देश को चौंका दिया। समारोह को नगर निगम की उपमहापौर सुनीता व्यास, थोक फल सब्जी मण्डी के अध्यक्ष ओम मालव, भाजपा शहर जिला उपाध्यक्ष राजकुमार माहेश्वरी, जिला मंत्री राकेश मिश्रा, छावनी मण्डल अध्यक्ष खेमचन्द शाक्यवाल, पार्षद भगवान गौतम, जगदीश मोहिल व भूपेन्द्र भाया ने भी सम्बोधित किया।