आश्वासन के बावजूद थर्मल की यूनिटें बंद करने की प्रक्रिया जारी

कोटा थर्मल बचाओ संघर्ष समिति की बैठक हुई

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  • न्यूज चक्र @ कोटा

कोटा थर्मल बचाओ संघर्ष समिति की शनिवार को हुई मीटिंग में सभी सदस्यों ने थर्मल की चार यूनिटों को गुपचुप तरीके से बंद कर निजी हाथों में सौंपे जाने की जारी  प्रक्रिया पर उत्पादन निगम के खिलाफ गहरा आक्रोश जताया।

समिति के संयोजक रामसिंह शेखावत के नेतृत्व में हुई इस मीटिंग में सह संयोजक शिवपाल चौधरी, आज़ाद शेरवानी, श्याम सुन्दर पंवार व राकेश डन्गोरिया, समिति के अन्य पदाधिकारियो सहित सभी 55 सदस्य शामिल थे। इस अवसर पर कोटा थर्मल की चार यूनिट को गुपचुप तरीके से बंद कर निजी हाथों में सौंपने के उत्पादन निगम के रवैये पर सभी सदस्यों ने आक्रोश व्यक्त किया। सभी का कहना था कि उत्पादन निगम की कथनी व करनी में अन्तर। एक ओर संघर्ष समिति  को आश्वस्त किया जा रहा है कि मजदूरों की कटौती का कोई निर्णय नहीं लिया गया है ।  यूनिट बंद करने की प्रक्रिया भी नहीं चल रही है ।  वहीं दूसरी ओर इस संबंध में गुप्त रूप से फाइल चलाई जा रही है । यदि थर्मल की चार यूनिटें बंद हो जाती हैं तो थर्मल के आधे से ज्यादा मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे । जिन कर्मचारियों व ठेका श्रमिकों की बदौलत कोटा थर्मल ने उत्पादन के क्षेत्र में देश में कीर्तिमान स्थापित किया, उन पर जीवन के अंतिम पड़ाव पर बेरोजगारी का खतरा मंडरा रहा है। यदि ऐसा होता है तो इनके सामने आत्महत्या करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रहेगा।

 फैसला वापस लेना चाहिए

सभा को संरक्षक रामसिंह शेखावत , सहसंरक्षक शिवपाल चौधरी, आज़ाद शेरवानी, श्याम सुन्दर पंवार, राकेश डगोरिया, प्रवक्ता इकबाल हुसैन, इंटक जिलाध्यक्ष रामलाल गोचर , वरिष्ठ नेता नरसिंह कीरोला,  राजेंद्र सिंह,  ओम जांगिड़ व कैलाश कछावा ने सम्बोधित किया।
मीटिंग में निर्णय लिया गया कि सोमवार को दोपहर 12 बजे सभी अधिकारी, कर्मचारी व ठेका श्रमिक थर्मल गेट पर एकतत्र होंगे । यहां से रैली के रूप में मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंच मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।