कोटा विश्वविद्यालय में लेटेक्स-एन डॉक्युमेन्टेशन कार्यशाला शुरू

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कोटा। कार्यशाला में कम्प्यूटर के माध्यम से इंस्टालेशन से लेकर रिसर्च आर्टिकल तैयार करती छात्र-छात्राएं।

न्यूज चक्र@कोटा
आज युवा पीढ़ी के लिए बहुत सारी नई तकनीक उपलब्ध है। परन्तु कुछ समय पहले तक ऐसे हालात नहीं थे। यहां तक कि दस्तावेजों को टाइप राइटर से लिखा जाता था, जो बहुत कठिन काम होता था। मगर अब इसके लिए लेटेक्स टूल उपलब्ध है। इससे समय के साथ उर्जा की भी बचत होती है। कोटा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने यह बात कही। वे शुक्रवार को विश्वविद्यालय के सरस्वती भवन में लेटेक्स-एन डॉक्युमेन्टेशन विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारम्भ समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
प्रो. दशोरा ने आगे कहा कि छात्र-छात्राओं व शोधार्थियों के लिए यह लेटेक्स टूल बहुत उपयोगी है। कार्यशाला के विशिष्ठ अतिथि व कुलसचिव डॉ. संदीप सिंह चौहान ने अपने निजी अनुभव प्रतिभागियों को बताते हुए डॉक्युमेन्टेशन के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के मुख्य वक्ता आरटीयू के डॉ. हरीश शर्मा व डॉ. आदित्य शर्मा ने प्रतिभागियों को प्रयोगात्मक तरीके से लेटेक्स डॉक्युमेन्टेशन टूल को समझाया। इसके माध्यम से ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर्स की उपयोगिता बढ़ाने के तरीके की भी जानकारी दी।
यूजर फ्रेंडली है सॉफ्टवेयर
वर्कशॉप समन्वयक कम्प्यूटर विभागाध्यक्ष प्रो. रीना दाधीच ने बताया कि लेटेक्स ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है,जो रिसर्च आर्टिकल, रिपोर्ट थीसीज व बुक राइटिंग के लिए अत्यधिक उपयोगी है। इसके माध्यम से मैथेमेटिक्स, टेबल व ग्राफिक्स आसानी से डाली जा सकती है। यह सॉफ्टवेयर टूल्स है और यूजर फ्रेंडली है। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन शनिवार को भी दो-दो घंटे के तीन सेशन होंगे। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को कम्प्यूटर के माध्यम से इंस्टालेशन से लेकर रिसर्च आर्टिकल तैयार करना सिखाया जा रहा है। इस कार्यशाला के बाद प्रतिभागी पूर्ण रूप से रिसर्च पेपर व स्ट्रक्चर डॉक्युमेन्ट लिखने में दक्ष हो जाएंगे। इस कार्यशाला में राजस्थान यूनिवर्सिटी, आरटीयू, वर्द्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग व पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्रों सहित शोधार्थी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन केके शर्मा ने किया।
कोटा। कार्यशाला में कम्प्यूटर के माध्यम से इंस्टालेशन से लेकर रिसर्च आर्टिकल तैयार करती छात्र-छात्राएं।