बाड़मेर में वायु सेना का फाइटर प्लेन सुखोई क्रेश

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बाड़मेर। ग्रामीणों से घिरे हुए सुखोई विमान हादसे में सुरक्षित बचे दोनों पायलट।

प्रवीण बोथरा @ बाड़मेर
वायु सेना का सुखोई फाइटर प्लेन बुधवार को अपनी नियमित उड़ान के दौरान शिवकर कुडला गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर खेतों में गिर गया। इस हादसे में पायलट तो पूरी तरह सुरक्षित बच गए, मगर तीन ग्रामीण घायल हो गए। कुछ जानवरों के मारे जाने के साथ ही प्लेन के मलबे से चार ढाणियों में आग भी लग गई।
जानकारी के अनुसार यह सुखोई एसयू-30 विमान जोधपुर से नियमित उड़ान पर था। शिवकर के देवाणियो की ढाणी के पास यह दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से गिर गया। इस हादसे का प्राथमिक कारण विमान में तकनीकी खराबी आना माना जा रहा है। इस विमान का मलवा पास के खेतों में बिखर गया। सुखोई के गिरने से ढाणियों में हुए नुकसान के अलावा आधा दर्जन के करीब जानवर भी मारे गए। हादसे में दोनों पायलट सुरक्षित बच गए। इस मामले में वायुसेना ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए हैं।
ये विशेषताएं सुखोई को बनाती हैं खास
गौरतलब है कि देश के सबसे सुरक्षित व शक्तिशाली लड़ाकू विमान माने जाने वाले सुखोई के क्रेश होने का कुछ समय में ही यह दूसरा मामला है। इससे पहले बाड़मेर- जैसलमेर सीमा पर फलसुण्ड में भी सुखोई क्रेश हुआ था। उसके बाद कुछ दिनों के लिए इसकी उड़ान पर रोक लगा दी गई थी। इस विमान की सबसे खास बात इसका सीधे निशाने पर वार करना है।

भारत ने रूस से 272 सुखोई विमान खरीदने की डील की थी। इनमें से 146 सुखोई वर्ष 2011 तक सेना के बेड़े में शामिल हो चुके थे । यह विमान टाईटेनियम धातु का बना होता है। इसमें पायलट रडार के माध्यम से पहले से लक्ष्य का निर्धारण कर सकता है।

बाड़मेर। खेतों में बिखरा पड़ा सुखोई विमान का मलबा।
बाड़मेर। खेतों में बिखरा पड़ा सुखोई विमान का मलबा और जमा लोग ।

बाड़मेर। क्रेश हुए विमान से जली ढाणियों का मलवा।