एमएलए प्रहलाद गुंजल की टिप्पणी से कायस्थ समाज में आक्रोश

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दैनिक भास्कर में ‌‌प्रकाशित खबर

न्यूज चक्र@जयपुर/कोटा

गाहे-बगाहे उग्र तैवरों से विवादों में रहने वाले कोटा उत्तर से विधायक व भाजपा नेता प्रहलाद गुंजल कुछ समय से चर्चा से बाहर थे । मगर शुक्रवार को विधानसभा में दिए एक वक्तव्य ने उन्हे फिर विवादों में ला दिया है । मगर इस बार मामला केवल राजस्थान तक ही सीमित नहीं है, क्योंकि गुंजल के वक्तव्य ने देशभर ही नहीं अपितु विश्वभर में फैले कायस्थ समाज के लोगों को आक्रोशित कर दिया है । इसी के साथ भाजपा नेता होने से समाज के लोगों में पार्टी के प्रति भी भारी नाराजगी फूट पड़ी है। दैनिक भास्कर के जयपुर एडिशन में प्रकाशित गुंजल के वक्तव्य के अनुसार उन्होंने कायस्थ समाज के अराध्य एवं पितामह, जिनसे इस समाज की वंशबेल प्रारम्भ हुई उन चित्रगुप्त भगवान का नाम लेकर कई बार कायस्थ समाज के बारे में प्रतिकूल टिप्पणियां कीं। इस पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश महामंत्री डॉ. आदित्य नाग ने एक कड़ा पत्र जारी किया है। डॉ. नाग का वह पत्र तथा दैनिक भास्कर में प्रकाशित गुंजल का वक्तव्य हूबहू प्रस्तुत है। यहां गौरतलब है कि प्रहलाद गुंजल का राजनीति में प्रमुख आधार उनकी जाति ही मानी जाती है । इस संबंध में उनका कोई पक्ष मिल सका तो न्यूज चक्र उसे भी सहर्ष प्रकाशित करेगा ।

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश महामंत्री डॉ. आदित्य नाग का पत्र-

🚩 *अखिल भारतीय* *कायस्थ महासभा*🚩 *राजस्थान, जयपुर* *श्री चित्रगुप्त भगवान का अपमान नहीं सहेगा कायस्थ समाज*

आज दिनांक 04-03-17 को मैं जोधपुर किसी निजी कार्यक्रम में समिलित होने आया था, लेकिन मुझे ज्ञात हुआ कि राजस्थान विधानसभा सत्र में श्री प्रहलाद गुंजल, विधायक, कोटा ने हमारे  अराध्य एवं कुल देवता भगवान श्री चित्रगुप्त जी  के बारे में एक *अभद्र टिप्पणी* कर अपनी *नादानी का परिचय दिया।* *कायस्थ समाज* के ही नही अपितु समस्त जैव, प्राणी के *एक मात्र भगवान जॊ आज भी जीवित हैं और सभी के अच्छे और बुरे कर्मों पूरा लेखा-जोखा रखने वाले भगवान हैं, उन पर कई गई *इस घटिया औऱ ओछी टिपण्णी का मैं पुरजोर विरोध और निंदा करता हूँ।* *माननीय मुख्यमंत्री जी और सदन में उपस्तिथ सभी नेता तथा सदन के बहार के भी नेता ये बात अच्छे से जान लें कि कायस्थ समाज ही नहीं बल्कि सर्व हिन्दू समाज इस विषय पर एक है और चाहता है कि ऐसी ओछी टिपण्णी करने वाले नेता/ विधायक सार्वजनिक रूप से माफ़ी  मांगें और सदन में भी विधानसभा अध्यक्ष को लिखित में अपने कहे हुए शब्द वापिस लेने का माफ़ी पत्र प्रस्तुत करें । विधानसभा अध्यक्ष से भी इस पर संज्ञान लेने की अपील करता हूँ।वैसे बताना चाहूँगा कि कायस्थ समाज ने बहुत सहा है और सह रहा है , लेकिन अब चुप नहीं बैठेगा।

हमारे अराध्यदेव और ईष्ट देव जो कि आज भी जीवित है, ऐसे भगवान के बारे में ऐसी भावना का विरोध करता हूँ। श्री गुंजल से व्यतिगत कोई बैर नहीं पर इस आपमान को नहीं सहा जा सकता।

*सादर,

*डॉ आदित्य नाग,* *प्रदेश महामंत्री*

*आखिल भारतीय कायस्थ महासभा*

*राजस्थान