थर्मल को बचाने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों ने रैली निकाल किया प्रदर्शन

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव शिवकांता नंदवाना ने किया इनका नेतृत्व, दूसरी ओर इस मसले पर विधायक संदीप शर्मा ने जयपुर में ऊर्जा मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह से की मुलाकात

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    KOTA SOUTH MLA SANDEEP SHARMA DISCUSSING OVER THERMAL ISSUE WITH ENERGY MINISTER PUSHPENDRA SINGH

न्यूज चक्र @ कोटा

कोटा थर्मल की प्रथम चार यूनिटों को स्थाई रूप बंद करने व अन्य यूनिटों को निजी कम्पनी को बेचे जाने की तैयारी के विरोध में गुरुवार को कोटा सुपल थर्मल के आक्रोशित अधिकारियों, इंजीनियरों व कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन शुरू कर दिया। इसकी शुरुआत रैली निकालने के साथ रास्त रोक कर प्रदर्शन करने से हुई। दूसरी ओर इस मसले को लेकर कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने विधानसभा कक्ष में ऊर्जा मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह से मुलाकात की। थर्मल कर्मचारी संघ इंटक के महामंत्री इकबाल हुसैन सहित शिवपाल सिंह चौधरी, डीपी मिश्रा आदि पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव शिवकांत नंदवाना की अगुवाई में थर्मल के मैन गेट के बाहर रास्ता अवरुद्ध कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी इंटक के पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने कोटा थर्मल बचाओ लिखी टोपियां पहनी हुईं थीं। इस प्रदर्शन के चलते थर्मल परिसर के अंदर व बाहर वाहनों की लम्बी कतार लग गई। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए नंदवाना ने कहा कि राज्य सरकार चार यूनिटों को बंद कर अन्य यूनिटों को बेचने जा रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता व थर्मल कर्मचारी एकजुट होकर इसे बचाने के लिए लड़ाई लड़ेंगे। थर्मल इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के बैनर तले अभियंताओं ने मुख्य अभियंता कार्यालय तक रैली निकाली और बाहर प्रदर्शन किया। अभियंता राजस्थान के बिजलीघरों को निजी हाथों में सौंपने तथा कोटा थर्मल की चार इकाइयों  को स्थाई रूप से बंद  करने की तैयारियों का विरोध कर रहे थे। इनका कहना है कि राज्य सरकार बिजलीघरों का निजीकरण कर रही है। मगर वे थर्मल प्लांट का निजीकरण किसी भी सूरत में नहीं होने देंगे।

संयुक्त संघर्ष समिति बनाएंगे

राजस्थान विद्युत उत्पादन कर्मचारी संघ की बैठक संघ अध्यक्ष रामसिंह शेखावत की अगुवाई में थर्मल परिसर स्थित संघ कार्यालय में हुई। इसमें थर्मल को बचाने के लिए अभियंताओं व सभी कर्मचारी संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों की संयुक्त संघर्ष समिति बनाने का निर्णय लिया गया। शेखावत ने बताया कि समिति में 21 पदाधिकारी होंगे। इनमें 4-4 पदाधिकारी कर्मचारी संगठनों से तथा 4 पदाधिकारी अभियंताओं में से होंगे। समिति की शुक्रवार को आयोजित होने वाली बैठक में आंदोलन की आगे की रूपरेखा बनाई जाएगी। थर्मल को किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने देंगे राज्य सरकार के  कोटा थर्मल की चार यूनिटों को बंद करने तथा शेष यूनिटों को बेचने की तैयारियों से आमजन में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कोटा देहात जिला कांग्रेस सेवादल के जिला मुख्य संगठक मनोज दुबे, अमित सूद, अंशु तिवारी, गोपाल गोयल (करेरा), यतीश व्यास, डॉ. महेश पारीक, बृजमोहन महावर आदि ने राज्य सरकार के इस निर्णय का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि थर्मल की यूनिटों को किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने देंगे। इसके लिए कितनी ही लड़ाई क्यों न लड़नी पड़ें। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस निर्णय को वापस लेने की मांग भी की है। ऊर्जा मंत्री ने कहा-निजीकरण की कोर्इ योजना नहीं इस पूरे मसले को लेकर कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने विधानसभा कक्ष में ऊर्जा मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह से मुलाकात की। विधायक ने उन्हे अवगत कराया कि थर्मल की ये यूनिट काफी पुरानी जरूर हो चुकी है, लेकिन इन्होंने ऊर्जा उत्पादन में हमेशा महत्वूपर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि थर्मल के निजीकरण व यूनिटों को बंद करने से थर्मल की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में कमी आएगी। इससे ऊर्जा का संकट उत्पन्न हो जाएगा। थर्मल के निजीकरण से कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात होने व उनका शोषण होने के साथ बिजली की दरों में भी वृद्धि हो जाएगी । इसके चलते विधायक ने आमजन व थर्मल कर्मचारियों के हितों के चलते थर्मल के निजीकरण के फैसले को निरस्त कर अवधि पार हो चुकी यूनिटों की मरम्मत करवा कर चालू रखा जाने की आवश्यकता बताई। वहीं इस पर ऊर्जा मंत्री ने विधायक से कहा कि थर्मल का निजीकरण करने का राज्य सरकार का कोई इरादा नहीं है। चार यूनिटों को बंद करने के निर्णय पर उचित कार्यवाही का आश्वासन भी दिया।