भारत माता को गाली देने वालों को देश में रहने का अधिकार नहीं

    आक्रोश रैली को विश्व हिन्दू परिषद कोटा के विभाग प्रमुख एवं धर्म जागरण समिति के प्रांत सदस्य जटाशंकर शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया

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    न्यूज चक्र @ बून्दी
    यह हमारा दुर्भाग्य है कि देश के एक विश्वविद्यालय में भारत तेरे टुकडे होंगे, इंशा अल्लाह-इंशा अल्लाह तथा अफजल हम शर्मिन्दा हैं, तेरे कातिल जिन्दा हैं जैसे नारे लगाने वाली युवा पीढ़ी तैयार हो रही है। यदि यही प्रक्रिया जारी रही तो इस राष्ट्र का क्या होगा, यह आप सब के सोचने का विषय है। जो व्यक्ति इस राष्ट्र का अन्न, जल, वायु ग्रहण करते हैं, वही भारत माता को गाली देते हैं, ऐसे लोगों को यहां रहने का अधिकार नहीं है। विश्व हिन्दू परिषद कोटा के विभाग मंत्री एवं धर्म जागरण समिति के प्रांत सदस्य जटाशंकर शर्मा ने यह बात कही। वे शुक्रवार को यहां लोकतंत्र बचाओ मंच के तत्वावधान में आयोजित आक्रोशित रैली को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।
    जटाशंकर ने इस क्रम में आगे कहा कि विश्व में सदैव विरोधी विचारधाराओं के बीच संघर्ष हुआ है। परंतु विजय सदैव ही धर्म व सत्य की हुई है। वर्तमान में राष्ट्र की रक्षा करने वाले सैनिकों की सहयोगी विचारधारा व सैनिकों पर पत्थर फेंककर आतंकियों का सहयोग करने वाली विचारधाराओं में संघर्ष जारी है। जब अनियंत्रित भीड़ के द्वारा गौ हत्या करने वाले युवक की हत्या हो जाती है तो सारा देश असहिष्णु हो जाता है। मगर 1984 के दंगों में तीन हजार निर्दोष सिक्ख भाइयों की हत्या हुई तब तो इन कथित सहिष्णु लोगों को सहिष्णुता याद नहीं आई।
    जिला कलक्ट्रेट के पास सभा स्थल पर बने विशाल पांडाल में मंचासीन संत समाज के प्रतिनिधि संयोजक महेन्द्र शर्मा, सहसंयोजक रमेश चन्द्र जैन, सह जिला संघ चालक सोहन लाल भारद्बाज, राजेन्द्र जैन, विश्व हिन्दू परिषद कोटा के विभाग मंत्री एवं धर्म जागरण समिति के प्रांत सदस्य जटाशंकर शर्मा भी मौजूद थे।
    भारत माता की जय बोलने वाले ही बन गए शरणार्थी
    भारत माता के पूजन के साथ आरम्भ हुई इस सभा को संबोधित करते हुए पहले महेन्द्र शर्मा ने सभी मंचासीन लोगों का परिचय दिया। वहीं रमेश चन्द्र जैन ने कार्यक्रम के उद्देश्य, भूमिका सहित अन्य जानकारी दी। जैन ने कहा कि अगर हमें समाज को संगठित व बलवान बनाना है तो हमें इसके लिए समय देना होगा। समाज को शक्ति सम्पन्न व आत्म रक्षा के लिए अस्त्र-शस्त्रों का संधारण करना चाहिए। हमारे सभी देवी-देवताओं के हाथों में अधर्मियों के नाश के लिए सदैव अस्त्र-शस्त्र रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज यह बड़ी विडम्बना है कि भारत माता की जय बोलने वाले ही अपने देश में शरणार्थी बन गए। सुरेश कुमार पोकरा द्वारा राष्ट्रपति को दिए जाने वाले ज्ञापन का पठन किया गया। महेन्द्र शर्मा ने अंत में सभी सहयोगी संस्थाओं, व्यक्तियों, पुलिस प्रशासन, नगर परिषद व आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया गया। बाद में 7 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम का संचालन प्रचार प्रमुख लोकेष वशिष्ट ने किया।
    इसलिए किया कार्यक्रम का आयोजन
    लोकतंत्र बचाओ मंच की ओर से इस कार्यक्रम का आयोजन केरल व पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सहित अन्य अनुसांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की हो रही हत्या, हिन्दुओं को डरा-धमका कर पलायन करने पर मजबूर करने सहित अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के विरोध में किया गया था। इन मामलों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, सहित अन्य विरोधी पार्टियों आदि को आरोपी बताया जा रहा है।
    विशाल रैली में लहरा रहीं थीं भगवा पताकाएं
    तय कार्यक्रम के अनुसार इस दोपहर बारह बजे तक नवल सागर पार्क में जिले भर से आए हजारों कार्यकताã एकत्र हो गए थे। संयोजक महेन्द्र शर्मा व सह संयोजक रमेश चन्द्र जैन ने मंच पर मौजूद संतों का स्वागत कर उनके आशीष के साथ रैली का शुभारम्भ किया। इसमें शामिल कार्यकर्ताओंं के हाथों में भगवा पताकाएं, केरल व पश्चिम बंगाल की सरकारों के विरोध में लिखे नारों की तख्तियां व बैनर थे। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। यह आक्रोश रैली बालचंद पाड़ा, सूरज जी का बड़, नाहर का चौहट्टा, चौमुखा बाजार व इन्द्रा बाजार से होती हुई जिला कलक्टर कार्यालय के समीप सभा स्थल पर पहुंची।