जब मिली ‘ए’ ग्रेड तो हंस पड़े कलक्टर और एसपी

माटूंदा गांव के राजकीय कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास के किशोरी मेले में शिरकत कर दी प्रेरणादायक सलाह, स्टॉलों का निरीक्षण कर ज्ञानवर्धक व मनोरंजक सवालों के जवाब दिए

0
722
बून्दी। एक स्टॉल पर छात्रा ने जिला कलक्टर को ए ग्रेड दी तो प्रफुल्लित हुए जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल।
बून्दी। किशोरी मेले को संबोधित करते जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल।
बून्दी। राज्य स्तरीय बैडमिंटन टीम में शामिल हुई छात्राओं को सम्मानित करते एसपी सुनील कुमार विश्नोई।
बून्दी। किशोरी मेले को संबोधित करते माटूंदा सरपंच महेन्द्र शर्मा।
बून्दी। आत्मरक्षा के तरीकों का प्रदर्शन करतीं नन्ही बालिकाएं।

न्यूज चक्र @ बून्दी
अगर आपको जीवन अपने हिसाब से जीना है तो शिक्षा प्राप्त करें। पढ़ाई को बोझ की तरह नहीं, अपितु खेल की तरह लें। जीवन में लक्ष्य तय कर मेहनत करने से इसलिए आप भी जज्बे व मेहनत से ये मुकाम हासिल कर सकती हैं। जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने माटूंदा गांव के राजकीय कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की बालिकाओं को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए ये प्रेरक वचन कहे। मौका था बालिका किशोर मेले के समापन सत्र का।
ठकराल ने इस अवसर पर मेला प्रांगण में बनाई गई विभिन्न स्टॉलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप सब ही कल के वैज्ञानिक हैं। खेल-खेल में सीखते हैं तो जल्दी सीखने में आता है। यह आवश्यक नहीं है कि विज्ञान विषय का छात्र होने से ही विज्ञान की समझ आए। हर बालक में एक वैज्ञानिक होता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को यह प्रेरणा भी दी कि मन में अगर कोई जिज्ञासा हो तो उसे शांत करने के लिए प्रश्न पूछने से कभी भी नहीं हिचकिचाएं। अन्यथा जिन्दगी भर समझ विकसित नहीं हो सकेगी।
बिल गेट्स से भी सीख लेने की अपील
जिला कलक्टर ठकराल ने बताया कि दुनिया की सबसे बड़ी कम्प्यूटर कम्पनी माइक्रोसॉफ्ट के मालिक बिल गेट्स 12 वीं तक ही शिक्षित हैं। उन्होंने कॉलेज की शिक्षा प्राप्त नहीं की। मगर अपनी रुचि के कारण वे आगे बढ़े। आज वे दुनिया के सबसे अमीर आदमी हैं। इसी प्रकार कोई भी काम पेशन से किया जाए तो सफलता अवश्यक मिलती है। कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं के साथ आसपास के स्कूलों के छात्रों को भी संबोधित करते हुए उन्होंने आगामी 9 मार्च से शुरू होने जा रही वार्षिक परीक्षाओं के साथ भावी जीवन के लिए भी शुभकामनाएं दीं। साथ ही आशा जताई कि किशोरी मेले में खेल-खेल में जो सीखा है वह एक्जाम के साथ आगे जीवन में भी काम आएगा। ठकराल ने इस अवसर पर छात्रावास की बालिकाओं द्वारा आत्म रक्षा के लिए प्राप्त प्रशिक्षण के प्रदर्शन को भी सराहा।
जिला पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार विश्नोई ने इससे पूर्व मेले के उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि खेल-खेल में जो सीखा जाता है, वह कभी नहीं भूलते हैं। जितना ज्ञान अर्जित कर सकते हैं, करें। यही ऐसी चीज है जिसे कोई नहीं छीन सकता। विश्नोई ने बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि यह इसलिए अधिक आवश्यक है क्योंकि वह पूरे परिवार को शिक्षित करती है। इस अवसर पर उन्होंने राज्य स्तरीय बैटमिंटन टीम में शामिल की गईं छात्रावास की बालिकाओं पूजा मीणा व गायत्री गुर्जर को सम्मानित भी किया। प्रारम्भ में एसपी ने फीता काट कर किशोरी मेले का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष माटूंदा सरपंच महेन्द्र शर्मा ने छात्रावास के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें एससी,एसटी,बीपीएल व ड्रॉप आउट बालिकाएं रहती हैं। यहां बालिकाओं को बहुत ही उच्च स्तर की, गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं हासिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जून-जुलाई तक इस कस्तूरबा बालिका छात्रावास का अतिरिक्त हिस्सा भी बन कर तैयार हो जाएगा। इसके बाद छात्राओंं का स्कूल भी यही शुरू हो जाएगा। अभी वे गांव के ही स्कूल में पढ़ने जाती हैं। पुुलिस जवाबदेही समिति के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बेटियों से अपील की कि वे शिक्षित होने के साथ स्वच्छता का भी ध्यान रखें।
डिजिटल क्लास के लिए एक लाख रुपए की घोषणा
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिला परिषद सदस्य दिनेश धाबाई ने छात्रावास में डिजिटल क्लास के लिए एक लाख रुपए देने की घोषणा की। इस पर सरपंच महेन्द्र शर्मा ने कहा कि बाकी खर्च वे देंगे। सर्व शिक्षा अभियान के अतिरिक्त समन्वयक राजेन्द्र भारद्बाज ने छात्रावास के बारे में विस्तृत प्रकाश डाला। साथ ही इसके विकास की भावी योजना के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम मेंं छात्रावास की प्रभारी मनीषा सैनी सहित अध्यापिकाएं मंजू मीणा, प्रियंका वर्मा व शशि शर्मा भी मौजूद थीं। संचालन धनावा स्कूल की प्रधानाध्यापिका रेहाना चिश्ती ने किया।
बालिकाओं ने अतिथियों से सवाल पूछे, खेल खिलाया, फिर ग्रेड भी दी
स्टॉलों के निरीक्षण के दौरान संबंधित स्टॉल प्रभारी छात्राओं ने जिला कलक्टर ठकराल व एसपी विश्नाई से विभिन्न ज्ञानवर्धक व मनोरंजक सवाल पूछने के साथ उन्हें हल्के-फुलके मगर उलझाने वाले खेल भी खिलाए। दोनों ही अधिकारियों ने इसमें बिलकुल नॉर्मल तरीके से पूरी तरह रुचि के साथ इस एक्टिविटी में भाग लिया। कई बार ऐसी स्थितियां पैदा हुईं जिसमें वे भी हंस पड़े। जिला कलक्टर ठकराल से एक स्टॉल पर बालिका ने पूछा कि अगर वे प्रधानमंत्री होते तो सबसे ज्यादा प्रमुखता किसे देते? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि मैं शिक्षा को बढ़ावा देने पर अधिक जोर देता। क्योंकि इसी से हर तरह का विकास हासिल किया जा सकता है।

बून्दी। किशोरी मेले में स्टॉल का निरीक्षण करने के दौरान छात्रा के सवाल का जवाब देते एसपी सुनील कुमार विश्नोई।
बून्दी। किशोरी मेले में लगी एक स्टॉल पर कंचों के खेल में उलझे हुए जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल।
बून्दी। फीता काट कर किशोरी मेले का उद्घाटन करते एसपी सुनील कुमार विश्नोई।