ब्लड बैंक के संक्रमित खून से 8 की मौत, आंकड़ा बढ़ने की आशंका

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अलवर। ब्लड बैंक में जांच करने पहुंची टीम।

न्यूज चक्र @ अलवर
जिले में संक्रमित (इन्फेक्टेड) खून चढ़ाने से पांच दिन में  आठ लोगों की मौत हो जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसके अलावा कुछ अन्य मरीजों की तबीयत बिगड़ गई। इस घटना से चिकित्सा विभाग में हड़कम्प मच गया। मामले की जांच के लिए तुरंत पांच चिकित्सकों की टीम गठित कर कार्यवाही शुरू कर दी गई।
यह संक्रमित खून सेठ मक्खन लाल चेरिटेबल ट्रस्ट ब्लड बैंक से विभिन्न अस्पतालों में पहुंचा था। सीएमएचओ डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि जांच टीम ने ब्लड बैंक में पहुंच कर तहकीकात शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ब्लड बैंक से और किन-किन अस्पतालों में खून भेज गया था। टीम अब उन अस्पतालों में भी जांच करेगी जिनमें संक्रमित खून से मरीजों की मौत हुई है। इस जांच टीम को तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सीएमएचओ को देनी है। सीएमएचओ डॉ. गुप्ता ने कहा कि इस मामले को गम्भीरता से लिया गया है। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. छबील के नेतृत्व में 5 डॉक्टरों की टीम बनाई गई है। यह हर पहलू से जांच करेगी। इस टीम में डॉ. मोनिका जैन पैथोलॉजिस्ट, डॉ. राजेश लालवानी फिजिशियन, डॉ. बबीता सिह एनजियोलॉजिस्ट व ड्रग कंट्रोलर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ब्लड बैंक में जांच के बाद संबंधित अस्पतालों में भी जांच की जाएगी। अस्पतालों और ब्लड बैंक से डाटा कलेक्ट कर तीन दिन में जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। उन्होंने संदेह व्यक्त किया है कि ब्लड बैग में कोई मैन्यूफेक्चरिग डिफेक्ट होने से यह घटना हुई हो। उस बैग के बैच को भी जांच के दायरे में लेंगे। उन्होंने यह अंदेशा भी जताया कि ब्लड बैंक को अन्य स्थानों पर लगने वाले रक्तदान शिविरों के माध्यम से भी संक्रमित ब्लड उपलब्ध हो सकता है।
वहीं ब्लड बैंक के प्रभारी अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर शर्मा ने बताया है कि ब्लड बैंक से पुराने ब्लड को देना बंद कर दिया है। जिन मरीजों को अब ब्लड की जरूरत है, उनके जरूरतमंदों से ब्लड लेकर और तुरंत जांच कराकर एक-दो दिन में ही ब्लड देने का काम कर रहे हैं। ब्लड बैंक में करीब चार सौ यूनिट ब्लड है, उस पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा ब्लड बैंक में जमा ब्लड की जांच के लिए जयपुर के दुर्लभ जी अस्पताल में सैम्पल भेज दिया गया है। इसके बाद ही कन्फर्म हो सकेगा कि ब्लड संक्रमण युक्त है या नहीं। उन्होंने बताया कि ब्लड संक्रमित हो तो उसका कलर चेंज हो जाता है। ब्लड बैंक अपने स्तर पर उस ब्लड बैंक को इशू नहीं करते हैं।