किसानों के लिए खुशखबरी, बढ़ी हुई बिजली की दरें वापस लेगी राजे सरकार

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Energy Minister Pushpendra Singh

न्यूज चक्र @ जयपुर
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने शनिवार को राज्य के किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा करते हुए गत वर्ष सितम्बर माह से बढ़ाई गई कृषि बिजली की दरों का भार सरकार के द्बारा वहन करने की घोषणा कर दी। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को ही इस मसले पर वसुंधरा की मंत्रियों के साथ बैठकें हुई थी। ऊर्जा मंत्री पुष्पेन्द्र सिह ने बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी। इस मद में राज्य सरकार 25 पैसे यूनिट के हिसाब से वहन करेगी।
ऊर्जा मंत्री सिंह ने कहा कि इस फैसले को लागू होने के साथ ही जिनके बिल जमा हो गए हैं, उनके अगले बिलों में बढ़ी कीमतों की राशि पुन: समायोजित कर दी जाएगी। वहीं बिजली बिलों की शिकायतें दूर करने के लिए उपखंड व पंचायत स्तर पर शिविर लगाने के भी निर्देश दिए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि बिजली की दरें बढ़ाए जाने से प्रदेश के कई जनप्रतिनिधि, किसान संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री वसुंधरा से इस फैसले को वापस लेने की मांग की थी। माना जा रहा है कि सरकार को इसी दबाव के आगे झुकना पड़ा है। इस फैसले से राज्य सरकार पर करीब 500 करोड़ रुपए का और भार पड़ेगा। वहीं सरकार डिस्कॉम को 12 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी दे रही है।
ये घोषणाएं भी कीं-
किसानों पर विजिलेंस छापों पर रोक, सही मीटर वाले किसानों के लोड की जांच नहीं होगी। सिविल लायबिलिटी की अवधि 4 माह से घटाकर 2 माह कर दी गई। वीसीआर की शिकायतों के लिए जिला स्तर पर वीसीआर मॉनिटरिग कमेटियों का गठन, वीसीआर जांच के 60 दिन तक शिकायत मिलने पर 15 दिन में निपटारा होगा। दिसंबर 2014 तक के आवेदकों को डिमांड राशि जमा करवाने का एक और मौका दिया जाएगा। बिना जांच कृषि कनेक्शनों के बढ़ाए लोड को समाप्त करने की घोषणा। किसानों के पम्प की लोड चैकिग में 20 फीसदी और 5 एचपी तक के लोड में रियायत। किसानों की बिजली से जुड़ी शिकायतों को दूर करने के लिए पंचायत और उपखंड स्तर पर कैम्प लगेंगे। ड्रिप, फव्वारा और डिग्गी सिचाई श्रेणी में लिए गए कृषि कनेक्शनों में तीन साल बाद बिजली की दरें सामान्य श्रेणी में बदलने की घोषणा।